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Rajasthan : बाजार से गायब हुए 1-2 रुपए के सिक्के, राजस्थान के इस शहर में ₹10 का सिक्का नहीं लेते दुकानदार

Rajasthan : भारतीय रिजर्व बैंक ने एक व दो रुपए के सिक्के बंद नहीं किया है। बावजूद इसके एक व दो रुपए के सिक्के पिछले कई वर्षों से कस्बे सहित क्षेत्र में अघोषित रूप से चलन से बाहर हो चुके हैं। उधर कोटा शहर में 10 रुपए के सिक्के लेने से कई दुकानदार इनकार कर देते हैं।

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Rajasthan market disappear 1-2 rupee coins kota Shopkeepers do not accept Rs 10 coin

फोटो पत्रिका

Rajasthan : भारतीय मुद्रा की सबसे छोटी इकाई माने जाने वाले एक व दो रुपए के सिक्के पिछले कई वर्षों से कस्बे सहित क्षेत्र में अघोषित रूप से चलन से बाहर हो चुके हैं। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक ने इन्हें बंद नहीं किया है, फिर भी बाजार में कई दुकानदार इन्हें लेने से मना कर देते हैं। जबकि कानूनन कोई भी नागरिक वैध भारतीय मुद्रा लेने से इनकार नहीं कर सकता।

क्षेत्र में भले ही लोगों ने सुविधा के अनुसार 1 व 2 रुपए के सिक्कों को चलन से बाहर कर दिया हो, लेकिन बैंकों में इनका लेनदेन आज भी जारी है। बैंक इन सिक्कों को जमा कर रही है और इन्हें बंद नहीं किया गया है। बावजूद इसके, बाजार में छोटे दुकानदार सिक्के लेने से कतराते हैं।

यहां 1-2 नहीं, वहां 10 का सिक्का नहीं

पिछले 7-8 वर्षों से क्षेत्र में 1 व 2 रुपए के सिक्कों का चलन लगभग समाप्त है, जबकि 5 व 10 रुपए के सिक्के चल रहे हैं। दूसरी ओर कोटा शहर में 10 रुपए के सिक्के लेने से कई दुकानदार इनकार कर देते हैं। कवाई व आस-पास के लोग जब कोटा जाते हैं तो 10 के सिक्के को लेकर परेशान होते हैं।

वहीं कोटा में 1-2 रुपए के सिक्के चलन में हैं, जिन्हें यहां लाने पर स्वीकार नहीं किया जाता। दुकानदारों की इस हठधर्मिता से भारतीय मुद्रा का अपमान हो रहा है।

वैध मुद्रा लेने से इनकार करने पर दर्ज हो सकती है रिपोर्ट

बैंक 1 व 2 रुपए के सिक्के जमा कर रही है, लेकिन ग्राहक इन्हें लेने से मना कर देते हैं। वर्तमान में बैंक में करीब 5,000 रुपए के 1 तथा 7,000 रुपए के 2 रुपए के सिक्के पिछले एक वर्ष से अधिक समय से रखे हैं। करंसी चेस्ट कोटा से सिक्के भेजे जाते हैं, लेकिन बाजार में छोटे दुकानदार इन्हें नहीं ले रहे। कानून में प्रावधान है कि वैध मुद्रा लेने से इनकार करने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
अमित कुमार, शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक, कवाई