
तनिष्क जैन और उनके दादा (फोटो-पत्रिका)
कोटा। पिता की छोटी-सी टेलरिंग शॉप और दादा का ठेला… इन्हीं सीमित साधनों के बीच पले-बढ़े भवानीमंडी के 18 वर्षीय तनिष्क जैन ने अपनी मेहनत से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया। JEE Main में 99.30 परसेंटाइल हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकती।
राजस्थान की सीमा पर बसे भवानीमंडी के इस प्रतिभाशाली छात्र ने कोटा जैसे कोचिंग हब में पढ़ाई का सपना देखा, लेकिन आर्थिक हालात इसकी इजाजत नहीं देते थे। पिता पारस जैन बताते हैं कि ऑफलाइन कोचिंग और रहने का खर्च उठाना संभव नहीं था। बड़ी मुश्किल से 8-10 हजार रुपये जुटाकर ऑनलाइन कोर्स दिलाया गया। तनिष्क ने घर पर रहकर ही सेल्फ स्टडी के दम पर तैयारी की और दिन-रात एक कर दिए।
घर की परिस्थितियां भी आसान नहीं रहीं। कुछ साल पहले तक परिवार कच्चे मकान में रहता था। पांच सदस्यों के परिवार के लिए पक्का घर बनवाने में पूरी जमा-पूंजी खर्च हो गई। दादा कैलाश जैन आज भी बाजार में ठेला लगाते हैं। इतनी आय में घर का खर्च ही मुश्किल से चलता है, लेकिन परिवार ने तनिष्क की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।
तनिष्क की जिंदगी में बचपन से ही संघर्ष रहा। दो साल की उम्र में मां का साया उठ गया। पिता ने दूसरा विवाह किया और सौतेली मां भारती ने तनिष्क को पूरा स्नेह और सहयोग दिया। पढ़ाई का नियमित अनुशासन बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दादी ललिता जैन और दिव्यांग बुआ संगीता जैन भी परिवार का संबल हैं।
सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले तनिष्क ने 10वीं में 95% और 12वीं में 94% अंक हासिल किए। 2025 में JEE Main और Advanced के लिए क्वालीफाई कर उन्होंने JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लिया। IIT जम्मू में सिविल ब्रांच की सीट मिल रही थी, लेकिन उन्होंने कंप्यूटर साइंस के लक्ष्य से समझौता नहीं किया और एक साल फिर से तैयारी की। 2026 में दोबारा प्रयास कर 99.3081061 परसेंटाइल हासिल किए।
सीमा क्षेत्र में रहने के कारण उन्हें न राजस्थान की ‘अनुकृति’ योजना का लाभ मिला, न मध्य प्रदेश की ‘सुपर-100’ योजना का। लेकिन तनिष्क ने इसे बाधा नहीं, चुनौती माना। अब उनका लक्ष्य JEE Advanced में सफलता पाकर IIT से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति को नई दिशा दे सकें। तनिष्क की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कम साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
Updated on:
18 Feb 2026, 4:39 PM IST
Published on:
18 Feb 2026, 4:39 PM IST
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