
gold and silver bars (Photo Source - Patrika)
Gold-Silver Price: वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका के संभावित फैसलों के बीच सोने-चांदी की कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालिया उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या आगे बड़ी गिरावट आएगी या फिर सोना फिर से मजबूती दिखाएगा?
मंगलवार रात सोने के दामों में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन बुधवार सुबह बाजार खुलते ही कीमतों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। सर्राफा बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि हालिया तेजी के बावजूद बाजार में ये चर्चा भी तेज है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन भविष्य में सोने के दाम बढ़ने के ही संकेत ज्यादा हैं।
कोटा सर्राफा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने बताया कि सोने का फ्यूचर फिलहाल सकारात्मक नजर आ रहा है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रमों पर काफी कुछ निर्भर करेगा। वैश्विक स्तर पर सोना सुरक्षित निवेश (सेफ एसेट) के रूप में माना जाता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और अन्य बड़े देशों से जुड़े आर्थिक फैसले बाजार के प्रतिकूल आते हैं, तो अल्पकाल में सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट भी देखने को मिल सकती है। हालांकि दीर्घकाल में सोना फिर से मजबूती पकड़ सकता है।
20 फरवरी को अमेरिका की अदालत में टैरिफ से जुड़े एक अहम मामले पर फैसला आने वाला है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। यदि फैसला बाजार की उम्मीदों के विपरीत आता है तो अल्पकाल में सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट संभव है। हालांकि दीर्घकाल में सोना फिर से मजबूती पकड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के रुख पर नजर रखनी चाहिए। कुल मिलाकर, उतार-चढ़ाव के इस दौर में लंबी अवधि के लिए सोना सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जा रहा है।
Updated on:
18 Feb 2026 02:54 pm
Published on:
18 Feb 2026 02:44 pm
