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Good News For Hadoti: उपमुख्यमंत्री दियाकुमारी ने मंगलवार को विधानसभा में बजट मांगों और सुझावों के बाद हाड़ौती समेत प्रदेश में कई विकास की घोषणाएं की हैं। उपमुख्यमंत्री ने ट्रिपल आइटी कोटा को बड़े आइटी हब के रूप में विकसित करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की सदन में घोषणा की।
कोटा में जागरूक नागरिक और प्रबुद्धजन कोटा को आइटी सिटी के रूप में विकसित करने की मांग उठा रहे हैं। इस संबंध में अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंटकर सुझाव भी दिए थे। हाल में बजट में भी राशि देने की घोषणा की थी, अब यहां बड़ा आइटी हब विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने आइटी हब विकसित करने का मु्द्दा प्रमुखता से उठाया था। कोटा और बूंदी में पेयजल वितरण सुदृढ़ीकरण के लिए 90 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।
उपमुख्यमंत्री ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पास वृहद औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की है। इसमें लॉजिस्टिक और टैक्सटाइल उद्योग लगाए जाना प्रस्तावित है। आने वाले समय में कोटा भीलवाड़ा की तरह टैक्सटाइल का हब बन जाएगा। एयरोसिटी के पास रीको यह औद्योगिक क्षेत्र विकसित करेगा। हाल में रीको ने केडीए में इसकी राशि जमा करवा दी है।
हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व, चम्बल घड़ियाल सेन्चुरी में सफारी एवं अन्य सुविधाओं के विकास के लिए 25 करोड़ (पच्चीस करोड़) रुपए दिए जाने की घोषणा की है। राजस्थान पत्रिका ने हाड़ौती में पर्यटन को बढ़ावा देने को प्रमुखता से मुद्दा उठाया था, इस बारे में लगातार समाचार प्रकाशित किए थे।
मेडिकल कॉलेज कोटा में यूरोलॉजी विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके लिए 25 करोड़ रुपए का बजट देने की घोषणा की है। प्रोस्टेट संबंधी सर्जरी के लिए रोबोटिक हैंड आधारित रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी।
इस आधुनिक तकनीक के शुरू होने से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, शीघ्र रिकवरी तथा अधिक सटीक उपचार का लाभ मिल सकेगा। कोटा मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होने से हाड़ौती क्षेत्र के मरीजों को बड़े महानगरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कोटा (ट्रिपल आइटी) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), डेटा एनालिटिक्स तथा अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में नए शैक्षणिक कोर्स प्रारम्भ करने की तैयारी की जा रही है। संस्थान को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने और क्षेत्र में उच्च स्तरीय आइटी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।
संस्थान को आइटी क्षेत्र के बड़े हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। इस डीपीआर में नए कोर्स, अत्याधुनिक लैब, अनुसंधान सुविधाओं का विस्तार, उद्योगों के साथ सहयोग तथा स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में एआइ, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी और अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप कौशल मिल सके।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 17 दिसम्बर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में टि्रपल आइटी कोटा के सुदृढ़ीकरण, विस्तार और शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक ले जाने के संबंध में उच्च स्तरीय चर्चा हुई थी।
Published on:
18 Feb 2026 08:43 am
