17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सस्ता पेट्रोल-डीजल बना सिरदर्द: हरियाणा से तस्करी, राजस्थान के पंपों की बिक्री 60% घटी

राजस्थान-हरियाणा सीमा पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी अंतर ने अवैध कारोबार को जन्म दे दिया है। सीमावर्ती गांवों में ड्रमों व केनों में भरकर हरियाणा से तेल लाकर राजस्थान में खुलेआम बेचा जा रहा है।

2 min read
Google source verification

परचून की दुकान से बोतल से पेट्रोल लेते बाइक सवार। फोटो पत्रिका 

बुहाना (झुंझुनूं)। राजस्थान-हरियाणा सीमा पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी अंतर ने अवैध कारोबार को जन्म दे दिया है। सीमावर्ती गांवों में ड्रमों व केनों में भरकर हरियाणा से तेल लाकर राजस्थान में खुलेआम बेचा जा रहा है। हालात यह हैं कि बुहाना, सिंघाना व पचेरीकलां क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों की बिक्री 40 से 60 फीसदी तक घट गई है, जबकि अवैध बिक्री का नेटवर्क गांव-गांव तक फैल गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि व्यापक तस्करी के बावजूद बुहाना वृत में पिछले एक साल में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

कीमतों का अंतर बना तस्करी की जड़

ताजा आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में पेट्रोल 106.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.70 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि हरियाणा में पेट्रोल 95.62 और डीजल 88.08 रुपए प्रति लीटर है। भावों का यह अंतर तस्करों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया बन गया है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन लंबे समय से पड़ोसी राज्यों के समान टैक्स दरें लागू करने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि करों में सामंजस्य होने से बिक्री बढ़ेगी और सरकार का राजस्व भी घटने के बजाय बढ़ सकता है।

परचून दुकानों पर ज्वलनशील तेल

बुहाना, सिंघाना, पचेरीकलां सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर परचून दुकानों पर बोतलों और ड्रमों में पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है। पेट्रोल पंपों से दूर बसे गांवों में यह कारोबार तेजी से फैल रहा है। रिहायशी क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण और बिक्री के बावजूद न तो अग्निशमन के इंतजाम हैं और न ही सुरक्षा मानक अपनाए जा रहे हैं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी से अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।

राजस्थान के पंपों पर असर

सीमावर्ती जिलों में कई पेट्रोल पंप बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। ट्रक व भारी वाहन चालक कुछ किलोमीटर अतिरिक्त चलकर हरियाणा से सस्ता तेल भरवाना पसंद कर रहे हैं। जहां हरियाणा सीमा के पंपों पर प्रतिदिन लगभग 5 हजार लीटर तक बिक्री हो रही है, वहीं राजस्थान के पंपों पर 2 हजार लीटर तक पहुंचते-पहुंचते बिक्री ठहर जाती है। नीमकाथाना, खेतड़ी, सिंघाना, चिड़ावा, बुहाना, पचेरीकलां, सूरजगढ़ व पिलानी क्षेत्र में तेल तस्करी का जाल फैल चुका है।

गोदबलाहा बना ‘पंप नगरी’

दिल्ली-झुंझुनूं मार्ग पर गोदबलाहा के पास हरियाणा सीमा खत्म होती है। यहां हरियाणा की ओर आठ पेट्रोल पंप स्थित हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में तेल राजस्थान लाया जाता है। इसके अलावा निजामपुर, दुलोठ, खेड़की, सतनाली, बायल व लुहारू क्षेत्र के पंप भी इस आपूर्ति के प्रमुख स्रोत बने हुए हैं। हरियाणा से खरीदा गया तेल गांवों में बोतलों में भरकर बेचा जाता है, जो पूरी तरह अवैध है।

इनका कहना है

हरियाणा से डीजल-पेट्रोल की तस्करी की जाती है। इससे सीमा के साथ लगते पंपों की बिक्री प्रभावित होती है। दोनों राज्यों में तेल की कीमत बराबर होगी तो सरकार का राजस्व बढेगा और पंपों पर ग्राहकों की आवक बढ़ने से तेल बिक्री में बढ़ोतरी होगी। राजस्थान के पंपों से सस्ता परचून की दुकानों पर पेट्रोल-डीजल मिल जाता है। दुकानदार हरियाणा से तेल लाकर कम मार्जन पर तेल बेच देते हैं।
-धर्मबीर, पंच संचालक, बुहाना

तेल तस्करी रोकने के लिए पुलिस की तरफ से समय-समय पर नाकाबंदी की जाती है। बीते साल में तेल तस्करी का कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस को सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
-बनवारीलाल, सीआई, पचेरीकलां थाना