
डॉ अशोक कुमार मीणा। (फाइल फोटो)
केकड़ी (अजमेर)। शहर के जिला चिकित्सालय में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मीणा ने चिकित्सालय परिसर के पीछे स्थित सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर बड़ी संख्या में चिकित्साकर्मी व लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने क्वार्टर का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और शव को जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
मंगलवार को घर में खाना बनाने वाली महिला क्वार्टर पर आई थी। उस समय गेट खुला हुआ था और डॉ. मीणा घर पर मौजूद थे। महिला नाश्ता बनाकर लौट गई। इसी दौरान मरीजों के अपॉइंटमेंट बुक करने वाले युवक हर्ष से उनकी सुबह करीब साढ़े दस बजे व्हाट्सएप पर बातचीत हुई। हर्ष ने मरीजों को देखने का समय पूछा तो डॉ. मीणा ने मना कर दिया कि वे मरीज नहीं देखेंगे। बुधवार के लिए समय पूछने पर उन्होंने लिखा… कल का कल देखेंगे। सुबह 10:37 बजे डॉ. मीणा ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा “मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल ना करें।” इसके बाद क्या परिस्थितियां बनीं, यह जांच का विषय है।
चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार डॉ. मीणा ने सोमवार को अस्वस्थता का हवाला देते हुए अवकाश लिया था। उन्होंने पीएमओ डॉ. नवीन जांगिड़ को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इसकी जानकारी दी थी। मंगलवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर पीएमओ ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर एक चिकित्साकर्मी उनके क्वार्टर पर पहुंचा। गेट अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। खिड़की से झांककर देखा तो डॉ. मीणा फंदे पर लटके दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई।
घटना के बाद पुलिस ने क्वार्टर सील कर दिया है। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाएगी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस अन्य संभावनाओं से भी इनकार नहीं कर रही है।
डॉ. मीणा मूलतः देवली के पास स्थित गांव राजकोट के निवासी थे। वे करीब सवा साल से केकड़ी जिला चिकित्सालय में पदस्थ थे और सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे। उनके परिजन गांव में निवास करते हैं, जबकि उनकी पत्नी दिल्ली में सरकारी सेवा में कार्यरत है।
परिजन के केकड़ी पहुंचने के बाद एफएसएल टीम की मौजूदगी में पुलिस ने उनके क्वार्टर की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नोट में लिखा है कि ‘मुझे अपनों का पूरा साथ नहीं मिला। सभी को सिर्फ इससे मतलब रहा कि मैं कितना कमाता हूं। मैं काफी समय से घुटन में जी रहा हूं, जो अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। इसलिए अपनी जान दे रहा हूं। सभी खुश रहना।’ पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर जांच में शामिल कर लिया है।
Updated on:
18 Feb 2026 02:48 pm
Published on:
18 Feb 2026 02:48 pm
