लंबे समय से बंद मशीनें सुचारू की जाएंगी। जिससे किडनी संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को नजदीकी अस्पताल में उपचार मिल सकेगा।
किडनी संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को नजदीक ही मिल सकेगा उपचार
बारां. जिले में उप जिला अस्पताल अंता और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केलवाड़ा में लंबे समय से बंद डायलिसिस की मशीनें अब शुरू होंगी। लंबे समय से बंद मशीनें सुचारू की जाएंगी। जिससे किडनी संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को नजदीकी अस्पताल में उपचार मिल सकेगा। सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने पिछले दिनों उप जिला अस्पताल अंता और केलवाड़ा सीएचसी का निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें बंद पाई। इसके चलते किडनी बीमारियों से पीडि़त डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों बारां, कोटा पहुंचना पड़ रहा है। सीएमएचओ ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डायलिसिस मशीनों को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू करवाई है। सीएमएचओ सक्सेना ने बताया कि उप जिला अस्पताल अंता और सीएचसी केलवाड़ा में डायलिसिस के लिए टेक्निशियन की नियुक्ति कर दी है। वहीं अन्ता और केलवाडा उप जिला चिकित्सालय से एक-एक चिकित्सक और तीन नर्सिंग ऑफिसर को कोटा मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशलिटी ङ्क्षवग में नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में डायलिसिस की ट्रेङ्क्षनग के लिए भेज दिया गया है। प्रशिक्षण पूरा होने पर दोनों जगह डायलिसिस शुरू हो जाएगी। सीएमएचओ ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर करने में जुटा है।
मांगरोल में डायलिसिस मशीन के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार
मांगरोल. उप जिला चिकित्सालय में पिछले आठ माह से आई डायलिसिस मशीन व सोनोग्राफी मशीन अभी तक शुरु नहीं हो सकी है। आठ माह पहले सरकार ने मशीनें तो भेज दी। लेकिन इनके लिए टेक्निशियन की नियुक्ति न करने से ये मशीनें बेकार पड़ी है। और लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दोनों ही मशीनों के लिए तकनीशियन आने का इंतजार हो रहा है। सोनोग्राफी मशीन को चालू करने के लिए महिला रोग विशेषज्ञ को ट्रेङ्क्षनग करने भेजा था। वह आ गई है। ऐसे में सोनोग्राफी सुविधा जल्द शुरु होने के आसार बने हैं। उप जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोभाग मीणा ने बताया कि सोनोग्राफी मशीन जल्द ही शुरु करेंगे। इसकी तैयारी कर ली है। वहां डायलिसिस मशीन के लिए तकनीशियन उपलब्ध करवाने के लिए सीएमएचओ को पत्र लिखा गया है। इसके आते ही डायलिसिस सुविघा भी शुरु कर दी जाएगी। महिला रोग विशेंषज्ञ डॉ. मंजू बथाडिय़ा ने बताया कि फिलहाल गर्भवती महिलाओं की ही सोनोग्राफी की जाएगी। दूसरा तकनीशियन आने के बाद सभी रोगियों को यह सुविधा मिलने लगेगी।