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राजस्थान के बारां में अपहरण के बाद बच्चे की दर्दनाक मौत, एक मोबाइल कॉल ने खोला रात के हादसे में दफन राज

Baran Kidnapping: बारां में अपहरण के कुछ घंटे बाद 6 वर्षीय शंकर केवट की सड़क हादसे में मौत हो गई। आरोपी इंद्रलाल उसे साइकिल पर कोटा के कोलाना गांव से ले गया था। NH-27 पर कार की टक्कर में बच्चा मारा गया और आरोपी घायल हो गया।

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बारां

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Arvind Rao

Mar 16, 2026

Baran 6-Year-Old Kidnapped Boy Dies in NH-27 Crash Mobile Call Exposes Shocking Abduction Mystery

मृतक बच्चा शंकर केवट (फोटो सोशल मीडिया)

Baran Kidnapping Case: राजस्थान के बारां जिले में नेशनल हाइवे-27 पर रविवार रात हुए एक सड़क हादसे ने अपहरण की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है, जिसने पुलिस और जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है। जिस बच्चे को घरवाले सुरक्षित समझकर आसपास तलाश रहे थे, उसकी मौत की खबर एक अनजान मोबाइल कॉल के जरिए उन तक पहुंची।

कोटा के इटावा क्षेत्र से अगवा किए गए 6 साल के मासूम शंकर केवट की बारां में एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। मामले की जड़ें कोटा जिले के इटावा थाना क्षेत्र के कोलाना गांव से जुड़ी हैं।

यहां रहने वाले दिलीप केवट के घर में खुशियां तब मातम में बदल गईं, जब उनका इकलौता बेटा शंकर रविवार दोपहर से लापता हो गया। परिजनों को अंदेशा भी नहीं था कि उनके ही गांव में मजदूरी करने आया इंद्रलाल इस वारदात को अंजाम देगा।

इंद्रलाल मूल रूप से बारां का रहने वाला है और करीब एक महीने पहले ही कोलाना गांव में जगदीश मीणा के यहां खेती-किसानी की मजदूरी करने आया था। रविवार दोपहर करीब 3 बजे, जब शंकर घर के बाहर खेल रहा था, तभी इंद्रलाल उसे अपनी साइकिल पर बैठाकर फुसला ले गया।

शाम को जब दादी मनभर बाई घर लौटी और बच्चा नहीं मिला, तो तलाश शुरू हुई। गांव की महिलाओं ने बताया कि उन्होंने शंकर को इंद्रलाल की साइकिल पर देखा था, लेकिन तब तक आरोपी उसे लेकर बारां की सीमा में दाखिल हो चुका था।

NH-27 पर हुआ हादसा

अपहरणकर्ता इंद्रलाल मासूम शंकर को लेकर नेशनल हाइवे-27 पर शाहबाद रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास पहुंचा। रात करीब 8:30 बजे, वह बच्चे का हाथ पकड़कर सड़क पार कर रहा था, तभी बारां शहर की ओर आ रही एक तेज रफ्तार सफेद क्रेटा कार ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि 6 साल के मासूम शंकर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि इंद्रलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। शुरुआत में राहगीरों और पुलिस को लगा कि यह पिता-पुत्र हैं जो हादसे का शिकार हुए हैं। लेकिन कुदरत को इस 'खूनी राज' से पर्दा उठाना था।

एक मोबाइल कॉल और 'अपहरण' का सनसनीखेज खुलासा

हादसे के बाद पुलिस ने घायल इंद्रलाल को अस्पताल पहुंचाया। रात करीब 10 बजे जब पुलिसकर्मियों ने जांच के लिए इंद्रलाल का मोबाइल स्विच ऑन किया, तो उस पर परिजनों के छूटे हुए कॉल्स के नोटिफिकेशन (मैसेज) जाने लगे। उधर, कोलाना में परेशान परिजन लगातार इंद्रलाल को फोन मिला रहे थे। जैसे ही फोन ऑन हुआ, परिजनों ने दोबारा कॉल किया।

दूसरी तरफ पुलिस ने फोन उठाया और बताया कि फोन का मालिक एक्सीडेंट में घायल है और उसके साथ मौजूद बच्चे की मौत हो चुकी है। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जो मामला अब तक महज एक एक्सीडेंट लग रहा था, वह अचानक 'किडनैपिंग और मर्डर' की संगीन वारदात में तब्दील हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और बड़े गिरोह का अंदेशा

सोमवार सुबह बारां अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे पिता दिलीप केवट ने अपने लाडले के शव की शिनाख्त की। पुलिस ने आरोपी इंद्रलाल के खिलाफ अपहरण और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में इंद्रलाल का कोटा में इलाज चल रहा है और वह पुलिस की निगरानी में है।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

  • क्या इंद्रलाल किसी बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का सदस्य है?
  • क्या उसने पहले भी किसी बच्चे का अपहरण किया है?
  • एक मजदूर आखिर क्यों एक मासूम को साइकिल पर इतनी दूर लेकर आया?

नई कार और 15 दिन का इत्तेफाक

जांच में सामने आया है कि जिस क्रेटा कार से हादसा हुआ, उसे महज 15 दिन पहले ही खरीदा गया था। कार सवार लोग पेट्रोल पंप से सीएनजी भरवाकर लौट रहे थे। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और उसमें सवार 2-3 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।