भोपाल

रात के अंधेरे और दिन के उजाले में हो रहा अवैध खनन, नदी से निकाले जा रहे रेत और पत्‍थर

बारिश का दौर खत्म होते ही क्षेत्र की नदियों से अवैध रूप से रेत व पत्थर का खनन होना शुरू हो गया। लोग नदी का सीना छलनी कर धडल्ले से खनन करने में लग रहे हैं।
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Updated: 8 Nov 2016, 4:23 PM IST
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बारिश का दौर खत्म होते ही क्षेत्र की नदियों से अवैध रूप से रेत व पत्थर का खनन होना शुरू हो गया। लोग नदी का सीना छलनी कर धडल्ले से खनन करने में लग रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारियों का ध्यान नहीं हैं।

यहां किशनगंज-बारां मार्ग के बीच से गुजर रही पार्वती नदी में इन दिनों अवैध खनन जोरों पर है। नदी के पेटे में जगह-जगह मजदूर रेत निकालने व पत्थर तोडऩे में लगे हैं। इसके बाद भी खनन विभाग व प्रशासनिक अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं।

यहां हो रहा खनन

पार्वती नदी में कामठा क्षेत्र, घींसरी, पुरानी पुलिया के समीप, दीगोद समेत आसपास के कई क्षेत्रों में बेरोकटोक खनन जारी है। नदी क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली बजरी व पत्थर निकालने के काम में लगे है। विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई नहीं करने से खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

नहीं है कोई रोकने वाला

पार्वती नदी से अवैध रूप से बजरी ढोने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली रानीबड़ौद स्थित थाना चौराहा से बेरोकटोक निकल रहे है। तेज गति से निकलने वाले इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों से राहगीरों को भी अनहोनी की आंशका रहती है। लेकिन कार्रवाई नहीं होने से इन पर अंकुश नहीं लग रहा। पत्थरों से भरे ओवरलोड ट्रोले मिसाई रोड से होते हुए थाना चौराहे के समीप से गुजर रहे है। जिन पर किसी का ध्यान नहीं है।

बिक रही चोरी छिपे शराब

नदी क्षेत्र में खनन में लिप्त मजदूरों तक अवैध रूप से शराब पहुंचाने का काम भी जोरों पर चल रहा है। यहां जगह-जगह ऊंची कीमतों में शराब की बिक्री हो रही है। नदी क्षेत्र में मजदूरों की जगह-जगह टापरियां बनी हुई है।

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