बारां

18 महीने में राजस्थान की इस मंडी ने कमाया 75.58 करोड़ शुल्क, सिर्फ गेहूं से हुई 24.18 करोड़ की आय

Baran Mandi Fee Revenue: बारां जिला कृषि प्रधान जिला है, यहां पर रबी व खरीफ की कई फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। खरीफ की फसल में सोयाबीन का सबसे अधिक रकबा रहता है।

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Aug 08, 2025
मंडी की प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Baran Mandi News: हाड़ौती संभाग में सर्वाधिक मंडी शुल्क देने वाली दूसरी कृषि उपज मंडी बारां है। इसको विशिष्ट श्रेणी की मंडी का दर्जा प्राप्त है। गत 18 माह में मंडी को 75.58 करोड़ रुपए के शुल्क से आय हुई है। इस अवधि के दौरान मंडी में विभिन्न जिन्सो का 5511.12 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। वहीं विभिन्न जिन्सों की 1 करोड़ 50 लाख 68 हजार 235 क्विंटल की आवक हुई। इस दौरान सर्वाधिक मंडी शुल्क गेहूं से 24.18 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। वहीं गेहूं का 1511.85 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। इस अवधि में 62 लाख 39 हजार 440 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। साथ ही धान, मक्का, सोयाबीन तथा सरसों का भी अच्छा कारोबार रहा।

MP के किसान भी पहुंचते हैं यहां

बारां जिला कृषि प्रधान जिला है, यहां पर रबी व खरीफ की कई फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। खरीफ की फसल में सोयाबीन का सबसे अधिक रकबा रहता है। वही धान, मक्का का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होने लगा है। करीब एक से दो दशक पूर्व धान का रकबा काफी घटकर एक सीमित क्षेत्र में ही होने लगा था। लेकिन इसके रकबे में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर की फसलें की जाती है। वही रबी की फसल में मुख्य रुप से गेहूं, सरसों तथा चने की खेती की जाती है। इसमें गेहूं का रकबा सर्वाधिक रहता है।

जिले की सीमा मध्यप्रदेश से सटी होने के कारण यहां पर सीजन में एमपी के श्योपुर गुना क्षेत्र के कई गांवों के किसान रबी व खरीफ के सीजन में गेहूं, धान व मक्का एवं लहसुन समेत अन्य जिन्सों की बिकवाली के लिए बारां कृषि मंडी में आते हैं। इससे भी लगातार मंडी के कारोबार में वृद्धि होती जा रही है। इसके चलते ही मंडी के बढ़ते कारोबार के साथ ही मंडी शुल्क में भी प्रतिवर्ष इजाफा होता जा रहा है।

कृषि उपज मंडी (फोटो: पत्रिका)

इन जिन्सों का भी हुआ मंडी में कारोबार

कृषि उपज मंडी में 6 प्रमुख जिन्सों गेहूं, धान, मक्का, सरसों, सोयाबीन तथा लहसुन के अलावा चना, मूंग, उड़द, मैथी, मसूर, तिल्ली, अलसी समेत कई अन्य जिन्सों की भी आवक से मंडी को 7.68 करोड़ रुपए के मंडी शुल्क की आय हुई है। 18 माह की अवधि के दौरान 6 प्रमुख जिन्सों के अलावा अन्य जिन्सों की 8 लाख 48 हजार 989 क्विंटल की आवक हुई। इसका करीब 481.31 करोड़ का कारोबार हुआ।

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Published on:
08 Aug 2025 01:39 pm
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