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बारां: जमीन अधिग्रहण कर ली अब तो रोड बनवा दो सरकार, टेंडर के नौ माह बीते, फिर भी खाली हाथ

Baran Mangrol Road Construction: राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले एक नंबर स्टेट हाइवे स्थित बारां-मांगरोल रोड (माल बमोरी) के निर्माण की घोषणा वर्ष 2024-25 में वर्तमान राज्य सरकार ने पहले बजट में कर दी गई थी।

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Baran Mangrol road

बारां-मांगरोल स्टेट हाइवे। फोटो पत्रिका

बारां। सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए कई योजना परियोजनाओं का खाका तैयार करने के बाद उसकी प्रभावी निगरानी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे स्वीकृत होने के लंबे समय बाद तक भी प्रभावित क्षेत्र के लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले एक नंबर स्टेट हाइवे स्थित बारां-मांगरोल रोड (माल बमोरी) के निर्माण की घोषणा वर्ष 2024-25 में वर्तमान राज्य सरकार ने पहले बजट में कर दी गई थी।

इसके बाद टेंडर फाइनल करने में दो साल लग गए। नौ माह पहले जून में टेंडर फाइनल किए तो कार्य आदेश देने में 7 माह निकाल दिए। अब तक मुख्य मार्ग पर निर्माण शुरू नहीं कराया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन से लेकर जयपुर तक के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

उप चुनाव में रहा मुद्दा

बारां से मांगरोल रोड की खस्ता हालत होने से परेशान क्षेत्र के लोगों की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन मौके पर कार्य को गति नहीं मिल रही है। पिछले साल हुए प्रदेश के एक मात्र अंता विधानसभा सीट के उप चुनाव में भी लोगों ने इसे मुद्दा बनाया था और सभी प्रत्याशियों तक मांग रखी गई थी।

भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान अन्य विकास और निर्माण कार्यो के साथ इस रोड का जल्द ही नवनिर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चुनाव के बाद से अब तक मौके पर निर्माण शुरू नहीं हुआ। जबकि चुनाव आदर्श आचार संहिता के दौरान रोड पर झाड़-झंकाड़ की सफाई और अन्य कार्य शुरू कर दिए गए थे।

भूमि अधिग्रहित, रोड खाली फिर भी

इस रोड के साथ राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से मांगरोल, बोहत और बारां में बाइपास बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण भी कर ली गई है। मांगरोल की 8.72 हेक्टेयर, किशनपुरा की 3.30, बोहत की 11.49 हेक्टेयर, भटवाड़ा की 1.09, इंद्राहेडी की 3.52 हेक्टेयर भूमि सहित 28.14 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।

बारां शहर से पहले प्रस्तावित बाइपास के लिए भी भू अधिग्रहण कर लिया गया। वहीं बारां-से मांगरोल तक पूरा डामर रोड खाली पड़ा हुआ है। इससे निर्माण कार्य शुरू करने में विशेष दिक्कत भी नहीं है, लेकिन फिर भी अटकाया जा रहा है।

पहले बाइपास के काम होंगे

-टैंडर के बाद नवंबर 2025 से काम शुरू होना था, लेकिन वन विभाग से एनओसी मिलने और बाइपास की भूमि पर फसल होने से आदेश नहीं दिए गए। फरवरी में एनओसी मिलते ही कार्यादेश दे दिए थे। पहले बाइपास के काम होंगे। मुख्य मार्ग पर कुछ जगह स्ट्रेक्चर खड़े करने है। गुरुवार को मांगरोल में चिन्हित जगह पर लाइनिंग शुरू की गई है। अगले तीन माह में तीनों बाइपास पर काम दिखने लगेगा।

मुकेश गोचर, परियोजना निदेशक राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण कोटा

टेंडर हुए 15 जून 2025

काम शुरू होना था नवम्बर 2025

कार्य आदेश दिए 4 फरवरी 2026

कार्यकारी एजेंसी राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण

रोड की लंबाई 41.20 किमी