
बारां. लम्बे इंतजार के बाद आखिर बारां पर मानसून की मेहरबानी हुई। जिला मुख्यालय पर बुधवार दोपहर से शाम तक जमकर बारिश हुई। इसके बाद शाम से रात तक पुन: झमाझम बारिश का दौर चला। इससे कई जगह सड़कों पर जलभराव हो गया। सुबह से तेज गर्मी व उमस के बाद दोपहर तीन बजे बाद से आसमान से जैसे ही राहत की बूंदों की झड़ी लगी, लोगों के चेहरे खिल गए। शहर में करीब सवा तीन बजे से शाम करीब पांच बजे तक झमाझम बारिश हुई।
कुछ देर रुकने के बाद फिर थोड़ी देर बारिश हुई। इसके बाद शाम पौने सात बजे से फिर बदरा बरसने शुरू हो गए। शहर में पहले चरण में करीब पौने दो घंटे की अवधि में ६९ मिमी. बारिश दर्ज की गई। जिले के किशनगंज क्षेत्र में भी बारिश व कुछ अन्य जगह बूंदाबांदी हुई। बारिश की कामना को लेकर जिले में कई जगह देवी-देवताओं की गुहार व टोने-टोटकों का दौर चल रहा है।
सड़कों पर जलभराव
शहर में झमाझम बारिश से कुछ क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव हो गया। विक्रम चौक में एक से डेढ़ फीट पानी भर गया तो प्रताप चौक पर भी पानी भरा। इसके अलावा खाकी बाबा की बगीची में एक फीट पानी का भराव रहने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन रोड पर भी दुकानों के आगे सड़क पर देर शाम तक पानी का भराव रहा।
दोपहर से रात तक लगी रही झड़ी
दोपहर सवा तीन बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर पहले चरण में जमकर बरसने के बाद रुका। बाद में शाम पौने सात बजे से फिर झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। प्रताप चौक, स्टेशन रोड क्षेत्र में सड़कों पर जलभराव व बारिश का दौर जारी रहने से दुकानों में पानी घुसने की आशंका से कई दुकानदारों ने सामानों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया।
घंटों तक गुल रही बिजली
शहर में हॉस्पिटल जीएसएस से जुड़ा धर्मादा फीडर जम्पर उड़ जाने से ठप हो गया। इस दौरान बारिश जारी रहने से सुधार काम काम नहीं हो पाया। फिर शाम करीब साढ़े चार बजे विद्युत प्रसारण निगम के जीएसएस पर खराबी आने से आपूर्ति ठप हो गई। देर तक पूरे शहर में आपूर्ति ठप रही। बाद में उसे दुरूस्त कर शहर के अन्य इलाकों की आपूर्ति शुरू की गई, लेकिन धर्मादा फीडर से जुड़े इलाकों में बिजली आपूर्ति रात ११ बजे तक भी बहाल नहीं हुई थी। इसे एक बार सही किया गया लेकिन फिर फाल्ट आ गया। इससे हॉस्पिटल जीएसएस से जुड़े इलाकों में बिजली ठप रही। उमस के बीच बिजली गुल होने से लोग खासे परेशान रहे। कई इलाकों में अंधेरा पसरा रहा।
बारिश से चेहरे खिले
देवरी. खरीफ फसल की बुवाई के बाद पानी नहीं बरसने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे बनने लगी थी, लेकिन मंगलवार एवं बुधवार दोपहर दो बजे के बाद 20 मिनट बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना था कि अगर दो तीन दिन पानी न बसरता तो लाखों रुपए का बीज जमने के पहले ही नष्ट हो जाता।
कोयला. कस्बे सहित क्षेत्र के बड़ा, खेड़ली, समसपुर में बुधवार दोपहर बाद बीस मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश होने से किसानों के मुरझाए चेहरे खिल उठे। बारिश नहीं होने से सोयाबीन फसल की बुआई नही हो पा रही थी।
(पत्रिका संवाददाता)