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Baran News : उफनती भैंसासुर नदी ने रोका रास्ता, दर्द से तड़पती रही बेबस गर्भवती, फिर ट्रैक्टर से पहुंचाया अस्पताल

Baran News : बारां के केलवाड़ा स्टेट हाईवे-130 पर भैंसासुर नदी उफान पर थी। दर्द से तड़पती गर्भवती नदी के उफान में फंसा गई। फिर किसी तरह ट्रैक्टर से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव हुआ।
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Baran News : ट्रैक्टर से प्रसूता को अस्पताल ले जाते हुए, प्रसव के बाद जांच करते चिकित्सक। फोटो पत्रिका

Baran News : राजस्थान में शासन-प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर एक गर्भवती को भारी पड़ सकती थी लेकिन समय रहते नदी पार कर लेने से कोई अनहोनी नहीं हुई। जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात स्टेट हाइवे-130 पर भैंसासुर नदी भारी बारिश के कारण घंटों उफान पर रही थी, इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इसी बीच हलावनी गांव निवासी गर्भवती राजेश बाई गुर्जर को प्रसव पीड़ा उठी तो परिजन उसे केलवाड़ा लाने के लिए दुपहिया वाहन से लेकर घर से निकले।

बारां के स्टेट हाइवे-130 पर भैंसासुर नदी तक पहुंचे लेकिन पानी के तेज बहाव कारण बेबस होकर पानी के उतरने का इंतजार करते रहे तो वहीं गर्भवती दर्द से कराह रही थी। इस दौरान मौके पर मौजूद युवक चेतन प्रजापति ने मानवता का परिचय दिया। उसने वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर को रुकवाया और गर्भवती को सुरक्षित पुलिया पार कराकर तुरंत केलवाड़ा उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।

यहां महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ, उसने बेटी को जन्म दिया। उप जिला अस्पताल केलवाड़ा में कार्यरत डॉ. अमित भारतीय ने बताया कि जच्चा-बच्चा की विशेष निगरानी की जा रही है, नवजात का स्वास्थ्य ठीक है।

दो साल पहले इलाज के अभाव में हुई थी मौत

इस घटना ने पूर्व में इलाज के अभाव में दम तोड़ने वाली आदिवासी महिला कलावती की मौत की यादें ताजा कर दीं। करीब दो साल पहले नदी के उस पार घंटों तक फंसी रही। महिला कलावती को समय पर उपचार नहीं मिल पाने से उसकी मौत हो गई थी।

पुलिया निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए स्वीकृत

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भैंसासुर नदी पर पुलिया निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे लेकिन अब तक काम ही शुरू नहीं हुआ। ऐसे में हर साल बारिश के दिनों में ऐसे ही हालात बनते हैं। ग्रामीणों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है।