Shocking Revel In Stabbing Case Of Bhojyakhedi Anta: आदिल और आशिक ने चोरी की नीयत से घर में घुसकर रामेश्वर और उसके पुत्र नवल को चाकुओं से गोदकर घायल कर दिया था।
Baran Crime News: अंता कस्बे के पास सोमवार रात को भोज्याखेड़ी में हुई चाकूबाजी के दोनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने कस्बे में इनकी परेड निकाली। रविवार देर रात आदिल और आशिक ने चोरी की नीयत से घर में घुसकर रामेश्वर और उसके पुत्र नवल को चाकुओं से गोदकर घायल कर दिया था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी मोबाइल पर ऑनलाइन लूडो गेम खेलने के आदी हैं। पिछले 5-6 महीने में वे इस गेम में करीब 8-10 लाख रुपए हार गए थे। इससे उनपर कर्ज हो गया था। कर्जा उतारने के लिए ही उन्होंने पडोस में रहने वाले रामेश्वर मालव के यहां चोरी की योजना बनाई।
उक्त घटनाक्रम की सूचना मिलते ही थानाधिकारी दिग्विजय सिंह जाप्ते के साथ भोज्याखेडी पहुंचे तथा पीडित की पहचान पर एक आरोपी आदिल जो भागने की फिराक में था उसे डिटेन किया। आदिल से दूसरे साथी के बारे में पूछने पर आशिक निवासी भोज्याखेड़ी का पता चला। दोनों को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई।
दोनों आरोपियों ने बताया कि हम दोनो मुंह पर साफी बांध कर रामेश्वर मालव के मकान में पीछे से घुसे। हमारे पास चाकू थे। जैसे ही हम चोरी करने लगे तो रामेश्वर जाग गया। उसने हमें पकड़ने का प्रयास किया। इस पर हमने उस पर चाकू से 10-12 बार हमला किया। शोर होने पर उसका पुत्र नवल भी जाग गया। वह हमको पकडने आया तो हमने उस पर भी चाकुओं से हमला किया। इसके बाद हम दोनों को वहीं छोड़कर निकल गए। आरोपियों ने बताया कि वे वारदात के बाद कोटा भागने की फिराक में थे।
आदिल उर्फ मोटा कोटा के गुमानपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ कोटा व बून्दी के कई थानों में लूट, डकैती, जानलेवा हमला, अवैध हथियारों के 16 प्रकरण दर्ज हैं। आदिल कोटा के कई थानों के वारन्टों में फरार घोषित है। दूसरे आरोपी आशिक पर 1 प्रकरण दर्ज है। मुल्जिम आदिल उर्फ मोटा ने कोटा, बारां, बून्दी जिलो के कई स्थानों के निवास वाले आधार कार्ड बनाए हुए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी व सोजी लाल मीणा वृताधिकारी वृत अन्ता के सुपरविजन व निर्देशन में थानाधिकारी दिग्विजव सिंह ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
चाकूबाजी की घटना के आरोपियों को भोज्याखेड़ी गांव में नहीं घुमाने तथा समझौते में हुई वार्ता के अनुसार कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण लोग फिर से थाने पर जमा हो गए। अपराधियों को अंता में ही घुमाकर अदालत में पेश कर दिए जाने के विरोध में लोगों ने इकट्ठा होकर अंता थाने पर नारेबाजी की। इस दौरान सीईओ अंता तथा लोगों के बहस हुई।