
लाठीचार्ज का फाइल फोटो: पत्रिका
Action Against Policeman: बारां शहर में बछड़े का कटा हुआ शव मिलने के बाद से माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान गौसेवकों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। अब इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
सोमवार को बारां बंद के दौरान प्रताप चौक पर गौसेवक धरने पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया। घटना के बाद शहर में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोषी पाए गए 3 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। तथ्य सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार 6 फरवरी को बरडिया क्षेत्र में एक बछड़े का कटा हुआ शव मिला था। इस घटना के बाद गौसेवकों और सर्व हिन्दू समाज में आक्रोश फैल गया। 8 फरवरी को बैठक कर 9 फरवरी को बारां बंद का आह्वान किया गया था।
बंद के बाद प्रताप चौक पर शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई और लाठीचार्ज की घटना सामने आई।
भंवरगढ़ कस्बे में हिंदू समाज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वीएचपी जिला मंत्री सीताराम सुमन के नेतृत्व में थाना प्रभारी गोपीलाल आर्य को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि मामले का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
Updated on:
13 Feb 2026, 12:36 PM IST
Published on:
13 Feb 2026, 12:36 PM IST
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