जिले में प्रवेश के साथ ही जोरदार धमक के साथ मॉनसून ने पूरे जिले को अपने आगोश में ले लिया है। जिले में मॉनसून की बारिश का झमाझम दौर जारी है। गुरुवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को दिनभर कभी रुक-रुककर तो कभी रिमझिम के रूप में जारी रहा।
बारां. जिले में प्रवेश के साथ ही जोरदार धमक के साथ मॉनसून ने पूरे जिले को अपने आगोश में ले लिया है। जिले में मॉनसून की बारिश का झमाझम दौर जारी है। गुरुवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को दिनभर कभी रुक-रुककर तो कभी रिमझिम के रूप में जारी रहा। इस बीच बारां शहर में सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक जोरदार बारिश हुई। दिनभर मौसम सुहाना रहा और आसमान में घने बादल छाए रहे। जिले में हुई अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बुवाई शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह से शुक्रवार सुबह 8 बजे तक चौबीस घंटों में बीते 24 घंटों में सर्वाधिक बरसात शाहाबाद में 141 एमएम हुई। वहीं अटरु में 123, बारां में 81, अन्ता में 30, मांगरोल में 69, छबड़ा में 39, छीपाबड़ौद में 32, तथा किशनगंज में 60 एमएम बरसात हुई है। इस बीच अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देवरी कस्बे में जोरदार बारिश से कई जगह जलभराव के हालात पैदा हो गए। पिछले चौबीस घंटों में यहां 87 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुरुवार रात से बारिश का दौर शुरू हुआ जो शुक्रवार शाम तक जारी रहा। मौसक की पहली बारिश से देवरी कस्बे से निकली पलको नदी में उफान आ गया। केलवाड़ा में हाड़ौती के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सीतावाडी में प्रीमानसून के चलते बाणगंगा नदी पर बने एनिकट पर बरसाती पानी की चादर शुरू हो गई है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग ने फिर जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने जिले में बारिश के लिए 72 घंटों का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से मध्यम बरसात हो सकती है। कई जगह बिजली गिरने का भी येलो अलर्ट है। अगले 72 घंटों में उत्तरी हिस्सों में बादलों की सक्रियता बढ़ती नजर आएगी। इसके अलावा कोटा, बूंदी, और बारां जिलों में बारिश के लिए लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कहीं-कहीं पर मेघगर्जन, बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश और कहीं-कहीं 20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में उत्तर पूर्वी झारखंड के ऊपर अवस्थित है तथा धीरे-धीरे उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढऩे की संभावना है।
बिजली गिरने से भैंस की मौत
कस्बाथाना कस्बे में शुक्रवार शाम 4 बजे प्राप्त हुई है। क्षेत्र में दो दिनों से लगातार बारिश होने और मौसम खराब होने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। इस बीच एक किसान को आर्थिक चोट लगना बड़ा झटका है। कस्बाथाना थाने के बमनगवा गांव में रघुवीर रजक की भैंस की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। पीडि़त ने बताया कि उसकी भैंस चरने गई थी। इस दौरान वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई।