शहर में करीब छह माह पहले बंदरों को पकडऩे आई मथुरा की टीम तीन बार आने के बाद भी नाकाम रही और थकहार कर वापस लौट गई। इस दौरान उन्होंने शहर में कई जगह बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए, लेकिन एक भी बंदर पकड़ा नहीं जा सका था।
बारां. शहर में लाल मुंह के बंदरों के आतंक से लोगों को संभवत: अब मुक्ति मिल सकेगी। शहर में करीब छह माह पहले बंदरों को पकडऩे आई मथुरा की टीम तीन बार आने के बाद भी नाकाम रही और थकहार कर वापस लौट गई। इस दौरान उन्होंने शहर में कई जगह बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए, लेकिन एक भी बंदर पकड़ा नहीं जा सका था। अब उत्पाती बंदरों को पकडऩे के लिए गंगापुर सिटी की टीम सोमवार को शहर में पहुंची है। उल्लेखनीय है कि लाल मुंह के बंदर शहर में अनेक लोगों को हमलाकर घायल कर चुके हैं। टीम को बंदर पकडऩे लिए लिए प्रति बंदर 11 हजार रुपए का टेण्डर दिया गया है। अन्ता विधानसभा उप चुनाव के कारण भी इस कार्य में देरी हुई है।
नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त भुवनेश मीणा ने बताया कि शहर के लोगो को लाल मुंह के बंदरो के आतंक से बचाव के लिए बंदरो को पकडऩे के लिए फिर से शुक्रवार को वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। इसके चलते गंगापुर सिटी की बंदर पकडऩे वाली संवेदक की टीम सोमवार शाम को यहां पहुंच गई है। मंगलवार को सुबह टीम चौमुखा बाजार तथा संबधित क्षेत्र में पहुंचकर जायजा लेगी। उसके बाद टीम बंदरों को पकडऩे की कार्रवाई शुरु कर देगी।
लावारिस मवेशियों की धरपकड़ शुरु
शहर के प्रमुख बाजारों व मार्गों पर लावारिस मवेशियों के जमावड़े को लेकर नगरपरिषद ने फिर से मवेशियों को पकडऩे के लिए रविवार रात से अभियान शुरु कर दिया है। परिषद के एसआई नरसी स्वामी ने बताया कि रविवार रात को करीब पांच दर्जन मवेशियों को पकडक़र कोटा रोड स्थित गोशाला पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि इन मवेशियों को निकटवर्ती अन्य गोशालाओं में शिफ्ट करवाया जाएगा। साथ ही बताया कि लावारिस मवेशिययों की धरपकड़ का अभियान अब निरन्तर जारी रहेगा।