1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले में कई जगह बदला मौसम, देवरी और भंवरगढ़ में हवा के साथ बारिश, ओले भी गिरे

बारां. जिले का मौसम रविवार शाम को फिर से बदल गया। इस दौरान जिले देवरी और भंवरगढ़ में तेज हवा के साथ बौछारें गिरी और कई जगह ओले भी नजर आए। इस दिन न्यूनतम तापमान 13 डिग्र और अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को मौसम में आए बदलाव से हवा में ठंडक […]

less than 1 minute read
Google source verification

बारां

image

Mukesh Gaur

Feb 01, 2026

किसानों ने बताया कि कई खेतों में कट चुकी सरसों की फसल भीग गई है और खड़ी फसलें भी नुकसान की संभावना से प्रभावित हैं। यह गत एक सप्ताह में तीसरी बार मौसम खराब हुआ है। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों की फसल को बचाया जा सके।

किसानों ने बताया कि कई खेतों में कट चुकी सरसों की फसल भीग गई है और खड़ी फसलें भी नुकसान की संभावना से प्रभावित हैं। यह गत एक सप्ताह में तीसरी बार मौसम खराब हुआ है। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों की फसल को बचाया जा सके।


बारां. जिले का मौसम रविवार शाम को फिर से बदल गया। इस दौरान जिले देवरी और भंवरगढ़ में तेज हवा के साथ बौछारें गिरी और कई जगह ओले भी नजर आए। इस दिन न्यूनतम तापमान 13 डिग्र और अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को मौसम में आए बदलाव से हवा में ठंडक घुल गई। इससे पहले सुबह से आसमान में बादल रहे। दिन में कुछ देर के लिए बादलों की ओट से सूरज निकला और हल्की धूप का असर रहा। हवा की दिशा बदलने से दिनभर शुष्क हवाएं सर्दी से राहत का अहसास कराती रही।

फसलें प्रभावित

भंवरगढ़. कस्बे और आसपास के ग्रामीण अंचल में रविवार को दिनभर तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच शाम को तेज मेघ गर्जना के साथ 10 मिनट बरसात हुई। तेज हवाओं के कारण कई खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल आड़ी पड़ गई, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई।जानकारी के अनुसार सुबह से ही मौसम बदलता रहा। धूप और छांव के दौर के बाद शाम को अचानक बारिश शुरू हुई, जो लगभग 10 मिनट तक रुक-रुक कर चली। बरसात और तेज हवाओं के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं।

किसानों ने बताया कि कई खेतों में कट चुकी सरसों की फसल भीग गई है और खड़ी फसलें भी नुकसान की संभावना से प्रभावित हैं। यह गत एक सप्ताह में तीसरी बार मौसम खराब हुआ है। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों की फसल को बचाया जा सके।

Story Loader