
बीजेपी प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन (फोटो-पत्रिका)
बारां। अंता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन का एक आंतरिक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसकी वजह से जिले की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। इस पत्र में सुमन ने अपनी हार के लिए सीधे तौर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। जिलाध्यक्ष को भेजा गया यह पत्र अब संगठन के भीतर तीखी बहस और असहज सवालों का कारण बन गया है।
मोरपाल सुमन ने पत्र में साफ लिखा है कि अंता उपचुनाव में पार्टी की हार केवल विरोधी दल की रणनीति का नतीजा नहीं थी, बल्कि पार्टी के भीतर ही किए गए भितराघात ने सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट की घोषणा में अनावश्यक देरी हुई, जिससे संगठन और कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी। इसके अलावा कई प्रभावशाली नेताओं ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में काम किया।
पत्र में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के करीबी मनोज शर्मा, पूर्व विधायक हेमराज मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष नंदलाल सुमन, आनंद गर्ग, अंता प्रधान प्रखर कौशल, उपप्रधान धर्मेन्द्र यादव, नगर पालिका चेयरमैन रामेश्वर खंडेलवाल, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश धाकड़ और एसटी मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मीणा जैसे नामों का उल्लेख किया गया है। सुमन का दावा है कि इन सभी की भूमिका ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बिगाड़ दिए।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंता से टिकट के अन्य दावेदारों ने भी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया और हार सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुमन ने कहा कि इलेक्शन कमीशन के ऑब्जर्वर ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई। कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा संसाधनों के कथित दुरुपयोग के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह पत्र भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार को भेजा गया था, जिन्होंने व्हाट्सएप पर पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे प्रदेश संगठन को अग्रेषित किया जाएगा। वहीं मोरपाल सुमन इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से बोलने से बचते नजर आए और बाद में उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को भी भेजी गई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भाजपा संगठन इस विस्फोटक आरोप पत्र को गंभीरता से लेकर आत्ममंथन करेगा या यह मामला भी आंतरिक राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा। फिलहाल, वायरल पत्र ने अंता उपचुनाव की हार को लेकर भाजपा की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है।
Updated on:
30 Jan 2026 09:47 pm
Published on:
30 Jan 2026 09:47 pm
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