राजस्थान में भारी बरसात के चलते नदियां उफान पर, हाड़ौती के बारां क्षेत्र में केलवाड़ा गांव में स्थित भैंसासुर नदी ने रोकी गर्भवती की राह, घाट किनारे महिलाओं ने कराया प्रसव, एसडीआरएफ ने प्रसूता-नवजात को किया रेस्क्यू
राजस्थान में भारी बरसात के चलते नदियां उफान पर है। हाड़ौती के बारां क्षेत्र में केलवाड़ा गांव में स्थित भैंसासुर नदी के ऊफान ने गुरुवार सुबह एक गर्भवती की राह रोक दी। पीड़ा से परेशान गर्भवती का नदी किनारे घाट पर ही प्रसव हो गया। सूचना मिलने पर नदी के दूसरे किनारे से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने प्रसूता और नवजात को रेस्क्यू कर बोट से नदी पार करवाकर अस्पताल पहुंचाया। प्रसूता और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद बारां जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात से भैंसासुर नदी ऊफान पर है। इस कारण दर्जनों गांवों का मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है। हथियादह करवरीकला निवासी चांदनी [25] पत्नी मनोज को प्रसव के लिए गुरुवार तड़के केलवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया जा रहा था, रास्ते में भैंसासुर नदी ऊफान पर होने के कारण वे दूसरे किनारे पर ही अटक गए। यहां नदी किनारे घाट पर ही सुबह चांदनी के प्रसव हो गया।
प्रसव की जानकारी मिलने के बाद नदी के पहले किनारे से एसडीआरएफ की टीम मोटर बोट लेकर घाट पर पहुंची। यहां से दोनों को रेस्क्यू कर टीम नदी के दूसरे किनारे लेकर आई। यहां से एम्बुलेंस में उसे केलवाड़ा सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया। जहां प्रसूता के हिमोग्लोबिन की कमी को देखते हुए बारां जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार जज्जा और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
गत 12 अगस्त को भी भैंसासुर नदी के उफान पर होने के कारण प्रसव के लिए केलवाड़ा अस्पताल आ रही गर्भवती और परिजन तीन घंटे दूसरे किनारे फंसे रहे। इस दौरान उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। जैसे-तैसे परिजन गर्भवती को अस्पताल लाए, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मृत्यु हो गई।