भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने शहरवासियों की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बिगड़ गए कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को सड़क छोड़ सीधे बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचना पड़ा। सोमवार को सपा का शिष्टमंडल अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह से मिला और 20-20 घंटे की अघोषित कटौती पर तीखा विरोध दर्ज कराया।
बरेली। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने शहरवासियों की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बिगड़ गए कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को सड़क छोड़ सीधे बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचना पड़ा। सोमवार को सपा का शिष्टमंडल अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह से मिला और 20-20 घंटे की अघोषित कटौती पर तीखा विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने साफ कहा अब सहनशक्ति जवाब दे रही है, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
फाइक इंक्लेव, किंग्स एवेन्यू, जेएचएम कॉलोनी समेत शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में दिन-रात मिलाकर 20 घंटे तक बिजली गायब रहती है। पंखे-कूलर ठप हैं, पानी की सप्लाई लड़खड़ा गई है और बच्चों-बुजुर्गों का जीना दूभर हो गया है। गर्मी में यह ब्लैकआउट सीधे लोगों की सेहत पर हमला कर रहा है।
सपा नेताओं ने अधीक्षण अभियंता को सौंपे ज्ञापन में साफ लिखा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सड़कों पर बड़ा आंदोलन होगा। नेताओं का कहना था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। उन्होंने चेताया कि जनता का गुस्सा अब फूटने के कगार पर है। शिष्टमंडल ने बिजली संकट का सीधा कारण ओवरलोडिंग को बताया और कॉलोनियों में नए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग रखी। उनका कहना था कि पुराने ट्रांसफार्मर क्षमता से ज्यादा बोझ झेल रहे हैं, जिससे बार-बार फाल्ट और कटौती हो रही है। लोड का संतुलन किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं।
अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान का भरोसा दिया और कहा कि सप्लाई सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि नेताओं ने साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, जमीन पर सुधार दिखना चाहिए। प्रदर्शन में संजीव कुमार सक्सेना, ठाकुर प्रमोद सिंह बिष्ट, हैदर अली, मोहम्मद नासिर, शारिक खान, जावेद बंटी, विक्की समेत कई प्रमुख सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में कहा बिजली नहीं तो सुकून नहीं, अब आर-पार की लड़ाई होगी।