बरेली में 10 महिलाओं का सिरफिरा हत्यारा गिरफ्तार हो गया है. गिरफ्तारी होते ही आरोपी ने अपने जुर्म भी कबूल लिए हैं. पुलिस की 22 टीमें 25 किमी एरिया की खाक छानती रहीं. आरोपी को पकड़ने के लिए 1500 सीसीटीवी खंगाले गए और करीब डेढ़ लाख मोबाइल्स को सर्विलांस किया गया. आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बरेली। बरेली में 10 महिलाओं का सिरफिरा हत्यारा गिरफ्तार हो गया है. गिरफ्तारी होते ही आरोपी ने अपने जुर्म भी कबूल लिए हैं. पुलिस की 22 टीमें 25 किमी एरिया की खाक छानती रहीं. आरोपी को पकड़ने के लिए 1500 सीसीटीवी खंगाले गए और करीब डेढ़ लाख मोबाइल्स को सर्विलांस किया गया. आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आपरेशन तलाश में बताया कि कैसे जाल बिछाकर सिरफिरे हत्यारे को गिरफ्तार किया ।
सौतेली मां, पत्नी से नाराज साइको किलर अधेड़ उम्र की महिलाओं को करता था टारगेट
ऑपरेशन तलाश के जरिए ऐसे किया पुलिस ने पर्दाफाश
सनसनीखेज घटनाओं के खुलासे के लिए एसएसपी ने वॉर रूम बनाया। अभियान को "आपरेशन तलाश" का नाम दिया गया। कुशल पुलिसकर्मियों को छांटकर 22 टीमों का गठन किया गया, जिनको इस घटना के अनावरण हेतु लगाया गया ।
25 किलोमीटर एरिया में लगे डेढ़ हजार सीसीटीवी
अनावरण के प्रयास के क्रम में लगभग 25 किलोमीटर एरिया को व्यास मानकर इस समस्त क्षेत्र में लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया गया, 600 नये सीसीटीवी कैमरे इस समस्त क्षेत्र में स्थापित किये गये। वर्दी में तथा सादा वस्त्रों में पुलिसकर्मियों को इस समस्त क्षेत्र में निरन्तर निगरानी हेतु, जनता से वार्ता करने हेतु, जनता को सतर्क करने हेतु लगाया गया।
महाराष्ट्र जाकर पुलिस ने सीखे साइको किलर के घटना करने के तौर तरीके
इस प्रकार की पूर्व की घटनाओं जिनका अनावरण हो चुका था, उन अपराधियों से गैर प्रान्त में (महाराष्ट्र) टीमें भेजकर उन सभी घटनाओं के कार्यविधि (Modus Operandi) का अध्ययन किया गया। लगभग 1.5 लाख मोबाइल नम्बरों का डाटा लेकर जनपदीय सर्विलांस टीम द्वारा उनका घटना के सम्बन्ध में परीक्षण किया गया। आस पास के गांव की वोटर सूची प्राप्त कर ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर उनकी निगरानी की गयी, जिनके व्यक्तिगत जीवन में किसी भी कारण से। क्लीनिकल साइकोलोजी विशेषज्ञ से भी परामर्श कर इस प्रकार की मनोवृत्ति रखने वाले अपराधी के कार्य करने के तरीके को समझने का प्रयास किया गया। कई सारी पुलिस की टीमों को जिसमें महिला व पुरूष पुलिस कर्मी शामिल थे, डिकोय (Decoy) के रूप में लगाया गया।
गूगल मैपिंग, बॉडीवार्न और हिडन कैमरा का किया गया इस्तेमाल
बाडीवार्न कैमरों व हिडेन कैमरों के साथ भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके अतिरिक्त इन समस्त घटनाओं में थाना शाही को केन्द्र मानकर उसके आस पास के घटना स्थलों को गूगल मैप पर प्लान्ट कर कार्यविधि योजना तैयार कर उसके अनुरूप टीमों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य हेतु तैनात किया गया।