
बरेली। भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने बरेली के तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट और निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर गंभीर आरोप लगाए। भीम आर्मी नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए अलंकार अग्निहोत्री कथित रूप से जाति आधारित गतिविधियों में संलिप्त रहे और इससे प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हुई।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सागर, मंडल उपाध्यक्ष आकाश सागर, दिनेश सागर, महेश कठेरिया और बृजेश कुमार ने आरोप लगाया कि अलंकार अग्निहोत्री अपने कार्यकाल के दौरान ब्राह्मण समाज की एकजुटता और संगठन को लेकर लगातार सक्रिय रहे। नेताओं और युवाओं के साथ नियमित बैठकों में जाति विशेष के संगठन और उत्थान पर चर्चा की जाती थी।
पदाधिकारियों का आरोप है कि अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी कार्यालय को निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया। उनके अनुसार प्रशासनिक मर्यादा को ताक पर रखकर जाति विशेष से जुड़े कार्यक्रमों और बैठकों को बढ़ावा दिया गया। भीम आर्मी नेताओं ने दावा किया कि व्हाट्सएप समूहों और सामाजिक संस्थाओं के जरिए जाति आधारित नेटवर्क तैयार किया गया। संगठन का कहना है कि ये सभी गतिविधियां एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा सेवा नियमों और निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच शुरू की जाए। साथ ही उनके पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। आरोप सिद्ध होने पर उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य घोषित किया जाए। इसके अलावा उनकी संपत्ति की भी जांच कराने की मांग की गई। कलेक्ट्रेट में डीएम चेंबर में जनता दर्शन के दौरान एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि भीम आर्मी की ओर से दिया गया ज्ञापन प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि इसे आगे सक्षम स्तर पर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
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Published on:
29 Jan 2026 06:58 pm
