
बरेली। नगर पंचायत सेंथल में वर्षों से नहर की सरकारी जमीन पर खड़े अवैध स्वीमिंग पूल पर आखिरकार रविवार को बुलडोजर चल गया। सुबह से ही प्रशासन, सिंचाई विभाग और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। जेसीबी की एक-एक चोट के साथ कब्जे का ढांचा ढहता चला गया और नहर की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। इस कार्रवाई को देखने के लिये लोगों की भीड़ लगी रही।
डीएम बरेली अविनाश सिंह के निर्देश पर बुलडोजर गरजने लगे। कुछ ही देर में नहर खंड की भूमि पर बना पूरा निर्माण मलबे में तब्दील हो गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। वर्ष 2016 में सेंथल–हाफिजगंज मुख्य मार्ग किनारे नगर पंचायत की ओर से बने स्वीमिंग पूल को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे। शिकायत पर हुई जांच में सामने आया कि आगे चार मीटर और पीछे डेढ़ मीटर भूमि सिंचाई विभाग की नहर की है। इसके बावजूद लंबे समय तक अतिक्रमण जस का तस बना रहा।
आईजीआरएस पर शिकायत के बाद सिंचाई खंड की जांच रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि बिना विभागीय अनुमति के नहर भूमि पर निर्माण किया गया। नहर खंड ने अतिक्रमण हटाने के लिए बार-बार पत्र भेजे, लेकिन मजिस्ट्रेट नामित न होने से कार्रवाई अटकी रही। मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद शासन ने एसडीएम, ईओ समेत जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
रुहेलखंड नहर खंड की कार्रवाई के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट नामित किया गया। थाना हाफिजगंज से पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया। समन्वित कार्रवाई में अवैध निर्माण का पूरी तरह सफाया कर दिया गया। नहर की जमीन पर बना सेंथल के रसूख का प्रतीक आज मलबे में बदल गया। सेंथल में बुलडोजर कार्रवाई ने साफ कर दिया कि सरकारी भूमि पर कब्जा कितना भी पुराना हो, जब आदेश आएगा, ढांचा गिरेगा ही।
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Published on:
09 Feb 2026 08:08 pm
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