अवैध कब्जेदारों को कब्जा हटाने के लिए 14 दिन का समय दिया गया, उसके बाद रेलवे कब्जे हटाएगा।
बरेली। रेलवे की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे हो गए हैं बावजूद इसके अभी तक इन कब्जों की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने अपनी जमीन से कब्जे हटाने की ठान ली है और अब आईओडब्लू की तरफ से 200 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कब्जेदारों को कब्जा हटाने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है और उसके बाद रेलवे कब्जे हटाएगा।
कुछ दिनों पहले जिलाधिकारी आर विक्रम सिंह ने शहामतगंज से लेकर इज्जतनगर तक रेलवे लाइन का निरीक्षण किया था। रेलवे लाइन के दोनों तरफ खाली पड़ी जमीन पर सड़क बनाने और सड़क किनारे मार्केट का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद रेलवे ने कब्जों की गोपनीय रिपोर्ट तैयार कराई और अब कब्जेदारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। आईओडब्लू आरके चौधरी की तरफ से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि कब्जेदार 14 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण हटा दें नहीं तो रेलवे अवैध कब्जों को ध्वस्त कर देगा।
मेयर भी अवैध कब्जों पर सख्त
बीजेपी के नवनिर्वाचित मेयर उमेश गौतम भी अवैध कब्जों पर सख्ती बरत रहे हैं उनके गद्दी पर बैठते ही शहर में कई जगहों पर अतिक्रमण अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में निकल कर अवैध कब्जे चिन्हित करें और जो पक्के निर्माण हैं उन पर लाल रंग का निशान लगाएं और कब्जा करने वाले को एक सप्ताह का समय दें अगर एक हफ्ते में कब्जा नहीं हटता है उसे ढहा दिया जाए इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते समय किसी की भी सिफारिश न सुनें।
तालाबों पर हो गए अवैध कब्जे
नगर निगम के दो बड़े तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। डेलापीर तालाब पर कब्जे का मामला तो कोर्ट में चला गया है जबकि सिविल लाइंस के अक्षय विहार तालाब पर भी कब्जा हो गया है। इसके अलावा नगर निगम की तमाम जमीनों पर भी कब्जे हो गए हैं।