पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री आशीष पाठक को पुलिस ने सोमवार सुबह हिरासत में ले लिया। आशीष को आंवला के जनसुविधा केंद्र से पुलिस ने उठाया, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
बरेली। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री आशीष पाठक को पुलिस ने सोमवार सुबह हिरासत में ले लिया। आशीष को आंवला के जनसुविधा केंद्र से पुलिस ने उठाया, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया और पशुधन मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण होते देख एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन केवल आंवला तक ही सीमित नहीं रहा। बरेली शहर में भी विरोध तेज हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रेमनगर के श्रीकृष्ण लीला स्थल पर प्रदर्शन किया और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का पुतला फूंका। इस दौरान “मंत्री मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गए। बजरंग दल के महानगर संयोजक केवलानंद ने आरोप लगाया कि मंत्री के विवादित बयान ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंत्री ने माफी नहीं मांगी तो बजरंग दल राज्यभर में आंदोलन करेगा।
बताया जा रहा है कि आशीष पाठक ने मंत्री धर्मपाल सिंह से जुड़ा एक वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने एक टिप्पणी भी की थी। पुलिस ने इस पोस्ट को समाज में जातीय और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाला माना और आशीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस का कहना है कि आशीष ने जानबूझकर मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से पोस्ट की थी। इसी के आधार पर सोमवार सुबह उन्हें हिरासत में लिया गया।