रेल यात्रियों से खाने-पीने की चीजों के अधिक दाम वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे ने सख्त रुख अपना लिया है। अब बरेली जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर चल रहे खानपान स्टाल और ट्रॉलियों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि यात्री सीधे डिजिटल भुगतान कर सकें और तय दाम से ज्यादा वसूली पर रोक लग सके।
बरेली। रेल यात्रियों से खाने-पीने की चीजों के अधिक दाम वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे ने सख्त रुख अपना लिया है। अब बरेली जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर चल रहे खानपान स्टाल और ट्रॉलियों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि यात्री सीधे डिजिटल भुगतान कर सकें और तय दाम से ज्यादा वसूली पर रोक लग सके।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआइ) मो. सैय्यद इमरान चिश्ती ने बताया कि रेल वन एप, रेल मदद एप और अन्य माध्यमों से कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि जंक्शन पर चाय-पानी और अन्य खाद्य सामग्री के लिए निर्धारित दर से अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। कुछ यात्रियों ने खुल्ले पैसे न लौटाने और चाय के पैसे भी ज्यादा वसूलने की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जंक्शन के सभी 38 खानपान स्टाल और ट्रालियों पर क्यूआर कोड स्कैनर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब यात्री सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और निर्धारित दर से अधिक वसूली की गुंजाइश कम होगी। रेलवे ने साफ कर दिया है कि सादा चाय 5 रुपये, डिप चाय 10 रुपये, रेल नीर एक लीटर बोतल 14 रुपये और जनता खाना 15 रुपये तय है। इससे अधिक दाम वसूले जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेका भी निरस्त किया जा सकता है।
सीएमआइ ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और भरोसे को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जा रहा है। क्यूआर कोड के जरिए भुगतान करने से न सिर्फ सही कीमत पर सामान मिलेगा, बल्कि शिकायतों में भी कमी आएगी। रेलवे के इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि जंक्शन पर यात्रियों को अब तय दाम पर ही खानपान सामग्री उपलब्ध होगी और मनमानी वसूली पर रोक लगेगी।