गेहूं खरीद शुरू न होने से नाराज किसान नेता की दबंगई उस वक्त भारी पड़ गई, जब उसने सीधे जिलाधिकारी को पीटने की धमकी दे डाली।
पीलीभीत। गेहूं खरीद शुरू न होने से नाराज किसान नेता की दबंगई उस वक्त भारी पड़ गई, जब उसने सीधे जिलाधिकारी को पीटने की धमकी दे डाली। मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब उस पर गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर करने की तैयारी है।
अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने डीएम के सीयूजी नंबर पर कॉल कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पूरनपुर मंडी में आने पर पीटने की धमकी दी। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने खुद ही इस धमकी भरे ऑडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
डीएम के स्टेनो नरेश वर्मा ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि छह अप्रैल की शाम करीब साढ़े पांच बजे डीएम बैठक में थे, तभी आरोपी का फोन आया। डीएम की अनुपस्थिति में स्टेनो ने कॉल रिसीव की, जिसमें आरोपी ने खुलेआम धमकी दी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बलजिंदर सिंह के खिलाफ अपमान और आपराधिक धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडेय के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल के बाद एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। प्रशासन अब उसके खिलाफ गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर करने की तैयारी में जुट गया है।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मंडी समिति का निरीक्षण कर गेहूं खरीद व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि प्रशासन के खिलाफ माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई के बाद आरोपी का रुख भी बदल गया। उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर माफी मांगी, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून अपना काम करेगा।