विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बरेली कॉलेज चौराहे पर मौलाना मदनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मदनी ने हाल ही में भोपाल में सार्वजनिक मंच से वंदे मातरम्, सनातन धर्म और न्यायपालिका को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जो देश और समाज में तनाव फैलाने वाली हैं।
बरेली। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बरेली कॉलेज चौराहे पर मौलाना मदनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मदनी ने हाल ही में भोपाल में सार्वजनिक मंच से वंदे मातरम्, सनातन धर्म और न्यायपालिका को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जो देश और समाज में तनाव फैलाने वाली हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मदनी ने अपने संबोधन में समुदाय विशेष को उकसाने वाले बयान देते हुए जब तक जुल्म होगा तब तक जिहाद होगा, हम सीने पर गोली खाएंगे, आखिरी दम तक लड़ेंगे, हलाल को बदनाम किया जा रहा है जैसे कथन कहकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के बयान देश में अस्थिरता फैलाने, हिंदू समाज को डराने और धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाले हैं।
विहिप का आरोप है कि मदनी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानवापी मामलों पर आए न्यायालय के निर्णयों को एकतरफा और मुस्लिम विरोधी बताकर न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाने का प्रयास किया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। बजरंग दल महानगर संयोजक केवला नन्द गौड़ ने कहा कि मौलाना मदनी के बयान न सिर्फ समाज में तनाव बढ़ाते हैं बल्कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास भी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कुछ गतिविधियाँ भी ऐसे तत्वों को बल देने का काम करती हैं, जो राष्ट्र विरोधी मामलों में आरोपित लोगों को कानूनी सहायता तक मुहैया कराते हैं।
केवला नन्द गौड़ ने कहा वंदे मातरम राष्ट्रगीत है, हर राष्ट्रभक्त इसकी वंदना करता है। मदनी का इसे विवादित बताना और न्यायपालिका पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाना बेहद गंभीर है। सरकार ऐसे बयानों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मदनी को जेल भेजे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से मौलाना मदनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और भविष्य में इस प्रकार के उकसाने वाले बयानों पर रोक लगाने की अपील की।