सेंथल क्षेत्र के जामा ए मेहंदिया मदरसे में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में मदरसे में नियुक्त क्लर्क अमजद खान और संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वक्फ निरीक्षक रामकिशोर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ ने 20 दिसंबर 2024 को सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के दस्तावेज़ों के सत्यापन का आदेश जारी किया था। इस निर्देश के तहत 30 दिसंबर 2024 को बरेली जनपद से संबंधित सभी अभिलेख परिषद को भेजे गए थे।
बरेली। सेंथल क्षेत्र के जामा ए मेहंदिया मदरसे में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में मदरसे में नियुक्त क्लर्क अमजद खान और संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
वक्फ निरीक्षक रामकिशोर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ ने 20 दिसंबर 2024 को सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के दस्तावेज़ों के सत्यापन का आदेश जारी किया था। इस निर्देश के तहत 30 दिसंबर 2024 को बरेली जनपद से संबंधित सभी अभिलेख परिषद को भेजे गए थे।
उक्त विवरण में जामा ए मेहंदिया मदरसे में नियुक्त अमजद खान का नाम भी शामिल था, जो वर्ष 2022 से लिपिक पद पर कार्यरत हैं। परिषद द्वारा 10 मार्च 2025 को भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि अमजद द्वारा प्रस्तुत किए गए शैक्षिक प्रमाणपत्र परिषद द्वारा कभी जारी ही नहीं किए गए थे।
इस खुलासे के बाद वक्फ निरीक्षक रामकिशोर ने कोतवाली पुलिस को सूचित किया कि अमजद खान ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर मदरसे में नियुक्ति प्राप्त की थी, जिसे बाद में वैध मानते हुए अनुमोदन दे दिया गया। यह न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है, बल्कि विभाग के साथ धोखाधड़ी और षड्यंत्र भी है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अमजद खान और मदरसे के प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।