रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज को लेकर शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन की प्राथमिकता नमाज को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
बरेली। रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज को लेकर शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन की प्राथमिकता नमाज को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्पष्ट कहा है कि अलविदा की नमाज सड़कों पर नहीं होने दी जाएगी। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी और व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और उपद्रवियों को सख्त संदेश देने के लिए एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में कोतवाली क्षेत्र से फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च में सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम, कोतवाली इंस्पेक्टर सुरेंद्र चंद्र गौतम समेत कई थानों की पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स शामिल रही। फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और लोगों से शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील की। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
अलविदा की नमाज को देखते हुए शहर की प्रमुख मस्जिदों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किला स्थित जामा मस्जिद, अनाथालय रोड की नौमहला मस्जिद, खलील चौराहा स्थित आला हजरत मस्जिद और दरगाह आला हजरत समेत सभी प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। नमाज के समय भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जाएगा, ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
अलविदा की नमाज को देखते हुए नगर निगम ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। नमाज से पहले सभी प्रमुख मस्जिदों के रास्तों और आसपास के इलाकों में विशेष साफ-सफाई कराई गई है और चूना छिड़काव कराया गया है। इसके अलावा नमाजियों की सहूलियत के लिए पानी के टैंकर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि भीड़ के दौरान किसी को असुविधा न हो। प्रशासन का कहना है कि अलविदा की नमाज को लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।