दिल्ली से मुरादाबाद तक सिक्सलेन हाईवे बनने के बाद अब मुरादाबाद-बरेली खंड को भी सिक्सलेन में तब्दील करने की तैयारी तेज हो गई है। एनएचएआई मुरादाबाद ने इसका खाका तैयार कर लिया है, जिससे बरेली को उत्तर भारत का बड़ा रोड जंक्शन बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बरेली। सड़क नेटवर्क को तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बरेली के लिए बड़ी राहत की खबर है। बरेली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे को सिक्सलेन में तब्दील करने की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही हैं। दिल्ली से मुरादाबाद तक सिक्सलेन निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है और अब मुरादाबाद से बरेली तक हाईवे चौड़ा करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है।
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे के दिल्ली से मुरादाबाद हिस्से को सिक्सलेन में बदले जाने के बाद अब मुरादाबाद-बरेली खंड को भी उसी तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इस परियोजना की जिम्मेदारी एनएचएआई मुरादाबाद इकाई को सौंपी गई है। हालांकि अधिकारी फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने तैयारियां जोरों पर हैं। बरेली शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए नवदिया झादा पर सिक्सलेन फ्लाइओवर का निर्माण कराया जा रहा है। यह फ्लाइओवर अब अंतिम चरण में है और इसके चालू होते ही शहर के भीतर यातायात को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना भविष्य की सिक्सलेन कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर ही डिजाइन की गई है।
बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे को भी सिक्सलेन में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। फिलहाल इस मार्ग पर 11 अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से तीन स्थानों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि आठ जगहों पर तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। मंडलायुक्त स्तर पर एनएचएआई अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुरादाबाद-बरेली हाईवे के सिक्सलेन में तब्दील होने के बाद ही बरेली-सीतापुर हाईवे को सिक्सलेन बनाने की औपचारिक प्रक्रिया तेज की जाएगी। फिलहाल बरेली-सीतापुर मार्ग को फोरलेन बनाकर मरम्मत करा दी गई है, लेकिन अंडरपास निर्माण पूरा होना अभी बाकी है।
क्षेत्र में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे को सिक्सलेन बनाने का काम पहले से प्रगति पर है। उत्तराखंड से सीधा जुड़ाव मजबूत करने के लिए बरेली-सितारगंज हाईवे का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। लगातार हो रही इन परियोजनाओं से बरेली उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच एक बड़े रोड जंक्शन के रूप में उभरता नजर आ रहा है। सिक्सलेन हाईवे, फ्लाइओवर और एक्सप्रेसवे के पूरा होने से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नया रफ्तार मिलेगी।