रूह को महका देने वाली खुशबू अब सिर्फ इत्र की शीशियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बरेली की धरती से उठकर दुनिया के बाजारों में अपना परचम लहरा रही है।
बरेली। रूह को महका देने वाली खुशबू अब सिर्फ इत्र की शीशियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बरेली की धरती से उठकर दुनिया के बाजारों में अपना परचम लहरा रही है। इसी खुशबू के दम पर सीबीगंज स्थित अरोमेटिक एंड एलाइड कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘सर्वश्रेष्ठ निर्यातक’ का प्रतिष्ठित सम्मान दिया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक गौरव मित्तल को इत्र एवं एसेंशियल ऑयल श्रेणी में पहला स्थान मिला।
अरोमेटिक एंड एलाइड कंपनी पिछले करीब 50 वर्षों से प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों की खेती, उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी देशभर के 40 हजार से अधिक किसानों के साथ मिलकर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है।
इसी पहल ने भारतीय सुगंध और प्राकृतिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाई है।
कंपनी के एमडी गौरव मित्तल का कहना है कि यह सम्मान सिर्फ कंपनी का नहीं, बल्कि उन हजारों किसानों का है जो अपनी मेहनत से भारत की असली खुशबू दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।
यह सम्मान लखनऊ में आयोजित राज्य निर्यातक पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने गौरव मित्तल को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एमएसएमई सचिव प्रांजल यादव, उपायुक्त निर्यात पवन अग्रवाल
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के सीईओ डॉ. अजय सहाय भी मौजूद रहे।
गौरव मित्तल ने कहा कि उनकी कंपनी का लक्ष्य सिर्फ कच्चा माल निर्यात करना नहीं, बल्कि भारत में ही ऐसे उत्पादों का निर्माण बढ़ाना है, जिनके लिए अभी देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में ही उत्पादन बढ़ेगा तो भारत आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी।
समारोह में बरेली के राजगढ़िया एक्सपोर्ट को भी बड़ी उपलब्धि मिली।
रेशमी वस्त्र उद्योग श्रेणी में कंपनी के एमडी सुदीप राजगढ़िया और उनकी पत्नी शिखा राजगढ़िया को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सुदीप राजगढ़िया ने बताया कि इस वर्ष जरी-जरदोजी परिधानों को रेशमी वस्त्र उद्योग की श्रेणी में शामिल किया गया था, जिससे यह सम्मान उनके लिए और भी खास बन गया।
इसी समारोह में कैल्विन नैचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड के ऋषभ जैन को भी निर्यात क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बरेली का उद्योग और निर्यात सेक्टर प्रदेश ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।