
बरेली। रेलवे में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक युवक से 11 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के युवक ने आरोप लगाया कि उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग के नाम पर भी ठगा गया। शिकायत मिलने पर एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने करीब तीन साल बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के गांव औंध निवासी सचिन सिंह ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि करीब तीन वर्ष पहले वह अपने भाई से मिलने शाहजहांपुर गया था। वहां किराये के कमरे पर उसकी मुलाकात गुजरात निवासी शिवशंकर मिश्र और उसकी पत्नी रेखा से हुई। आरोप है कि दोनों ने रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और इसके बदले कई किस्तों में 11 लाख रुपये किसी अन्य व्यक्ति के खाते में जमा करा लिए। पीड़ित का कहना है कि आरोपी उसे दिल्ली लेकर गए, जहां मेडिकल परीक्षण की औपचारिकता पूरी कराई गई। इसके बाद उसे रेलवे का फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया गया, जिससे उसे भरोसा हो गया कि उसकी नौकरी लग गई है।
आरोपियों ने बाद में ट्रेनिंग का पत्र जारी कर पीड़ित से 10 हजार रुपये और ले लिए और उसे झारखंड भेज दिया। वहां आरोपी शिवशंकर भी पहुंचा और तीन लोगों से मिलवाकर कहा कि यही लोग ट्रेनिंग करवाएंगे। बताया जाता है कि वे लोग युवक को रेलवे स्टेशन के आसपास घुमाते रहे और रात में मौका पाकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपी शिवशंकर ने भी अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया।
धोखाधड़ी का शक होने पर सचिन सिंह ने रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया, तब उसे पता चला कि नियुक्ति पत्र और ट्रेनिंग से जुड़े सभी दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर मिश्र और उसकी पत्नी रेखा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Published on:
10 Mar 2026 08:18 pm
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