जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर मचे बवाल के बीच आखिरकार बिजली विभाग और सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है। उपभोक्ताओं के लगातार विरोध और बढ़ती शिकायतों के बाद जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
बरेली। जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर मचे बवाल के बीच आखिरकार बिजली विभाग और सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है। उपभोक्ताओं के लगातार विरोध और बढ़ती शिकायतों के बाद जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम फिलहाल रोक दिया गया है। अब चर्चा है कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड किए गए थे, उन्हें दोबारा पोस्टपेड सिस्टम में बदला जा सकता है। यानी मीटर स्मार्ट रहेंगे, लेकिन बिजली बिल पहले की तरह महीने में जमा करना होगा।
करीब छह महीने पहले जिले में बड़े स्तर पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत की गई थी। शुरुआत से ही उपभोक्ताओं ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। लोगों का कहना था कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली सप्लाई तुरंत बंद हो जाती है, जिससे परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर रात के समय बिजली कटने से लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई। उपभोक्ताओं के गुस्से को देखते हुए विभाग ने पहले सरकारी कार्यालयों और विभागीय परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाया था। इस दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन उस समय विभाग ने अभियान जारी रखा। धीरे-धीरे जिले में करीब एक लाख 30 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जोड़ दिए गए।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ने लगीं। लोगों ने आरोप लगाया कि मीटर तेज चल रहे हैं और पहले की तुलना में ज्यादा बिल आ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि बैलेंस माइनस होते ही बिजली कनेक्शन तुरंत कट जा रहा था। हजारों उपभोक्ताओं को हर समय रिचार्ज खत्म होने की चिंता सताने लगी थी। सूत्रों के मुताबिक, उपभोक्ताओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री स्तर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी अभी तक मुख्यालय से लिखित आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि मुख्यालय स्तर से ही प्रीपेड मीटरों को फिर पोस्टपेड सिस्टम में बदला जाएगा।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर रोक लगने के बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। अब हर समय बैलेंस खत्म होने और बिजली कटने की टेंशन खत्म होती नजर आ रही है। लोगों को उम्मीद है कि पहले की तरह महीने में एक बार बिल जमा करने की व्यवस्था फिर लागू होगी। बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर और बिल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए उपकेंद्रों पर मेगा कैंप लगाने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से 6, 8, 13, 20, 22 और 27 मई को विभिन्न उपकेंद्रों पर कैंप लगाए जाएंगे। मुख्य अभियंता नगरीय क्षेत्र ज्ञान प्रकाश ने बताया कि कैंप में उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनकर उनका समाधान कराया जाएगा और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।