चौपुला रोड पर बेसमेंट की खुदाई के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब अनियंत्रित खुदाई से पास की तीन मंजिला इमारत की नींव हिल गई और भवन एक ओर झुकने लगा। दहशत के बीच लोगों को घरों से बाहर निकाला गया था।
बरेली। चौपुला रोड पर बेसमेंट की खुदाई के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब अनियंत्रित खुदाई से पास की तीन मंजिला इमारत की नींव हिल गई और भवन एक ओर झुकने लगा। दहशत के बीच लोगों को घरों से बाहर निकाला गया था। इस मामले की जांच नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और बीडीए की संयुक्त टीम कर रही है, वहीं अब पीड़िता विमलेश कुमारी की तहरीर पर निर्माणकर्ता वेदप्रकाश अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बेसमेंट की खुदाई तय मानकों के विपरीत की जा रही थी। अनुमति कुछ और थी, लेकिन मौके पर उससे ज्यादा गहराई तक और बिना जरूरी सुरक्षा उपायों के खुदाई की गई। इसी वजह से बगल की इमारत की नींव के नीचे की मिट्टी खिसक गई और भवन झुकने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के इंजीनियरों की संयुक्त टीम जांच में जुट गई है। टीम तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और यह देखा जा रहा है कि कहां-कहां लापरवाही हुई।
फिलहाल इंजीनियरों की निगरानी में इमारत को सहारा देने के लिए आरसीसी की सपोर्टिंग वॉल बनाई जा रही है। साथ ही खाली जगह पर मिट्टी का भराव भी कराया जा रहा है। बावजूद इसके स्थानीय लोगों का कहना है कि झुकाव अब भी बना हुआ है और खतरा टला नहीं है। बीडीए की ओर से प्लॉट स्वामी को नोटिस जारी कर चालान की कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि तीनों विभागों की तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले में अब कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पीड़िता विमलेश कुमारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने निर्माणकर्ता वेदप्रकाश अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अगर पहले ही सख्ती बरती जाती, तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।