उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को बरेली पहुंचीं तो पूरा सिस्टम हाई अलर्ट पर आ गया। सुबह एयरपोर्ट से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक उनका कार्यक्रम बेहद सघन और सख्त संदेश देने वाला रहा।
बरेली। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को बरेली पहुंचीं तो पूरा सिस्टम हाई अलर्ट पर आ गया। सुबह एयरपोर्ट से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक उनका कार्यक्रम बेहद सघन और सख्त संदेश देने वाला रहा। जहां-जहां राज्यपाल पहुंचीं, वहां व्यवस्थाओं की परत-दर-परत जांच हुई और अफसरों में साफ तौर पर बेचैनी नजर आई।
त्रिशूल हवाई अड्डे पर उतरते ही राज्यपाल सीधे दिशा इंटर कॉलेज पहुंचीं। यहां उन्होंने औपचारिकता से दूर हटकर स्कूल की असल तस्वीर देखने की कोशिश की। क्लासरूम, संसाधन और बच्चों की पढ़ाई—हर पहलू को बारीकी से परखा। खास तौर पर विशेष बच्चों की शिक्षा को लेकर उनका रुख बेहद गंभीर दिखा, जिससे साफ हो गया कि लापरवाही पर कोई नरमी नहीं होगी। दिशा इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने साफ शब्दों में संकेत दिया कि विशेष बच्चों की शिक्षा सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। मंच से ही उन्होंने समावेशी शिक्षा और संसाधनों की मजबूती पर जोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और शिक्षाविदों के लिए यह साफ संदेश था कि अब सिर्फ दावे नहीं, काम दिखना चाहिए।
इसके बाद किला स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) पहुंचकर राज्यपाल ने व्यवस्थाओं की हकीकत जानने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बच्चों की सुरक्षा, रहन-सहन और सुविधाओं को लेकर उन्होंने मौके पर ही जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक, छोटी-छोटी खामियों पर भी सवाल उठे, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की सांसें थमी रहीं। दोपहर करीब 1:25 बजे तक राज्यपाल का दौरा पूरी रफ्तार में चलता रहा। इसके बाद वह महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के लिए रवाना होंगी, जहां बैठक और समीक्षा का दौर चलेगा। माना जा रहा है कि यहां भी शिक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कड़े सवाल उठ सकते हैं।
शाम को राज्यपाल रामगंगानगर स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल की नई शाखा का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार की मौजूदगी से सियासी हलचल भी बढ़ गई है। दौरे के बहाने प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। राज्यपाल के दौरे को लेकर पूरा बरेली सुरक्षा घेरे में नजर आया। एयरपोर्ट से लेकर हर कार्यक्रम स्थल तक पुलिस की कड़ी निगरानी रही। रूट डायवर्जन लागू किया गया और अफसरों को साफ चेतावनी दी गई कि सुरक्षा में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। पूरे दिन शहर में वीवीआईपी मूवमेंट का असर साफ दिखा।