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यूपी के इस जिले में गरीबों का गेहूं-चावल डकार गया कोटेदार, स्टॉक में खेल पकड़ते ही दर्ज हुआ मुकदमा

जिले में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गरीबों के हक का राशन हड़पने वाले कोटेदारों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत संजय नगर क्षेत्र के एक कोटेदार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है।

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बरेली। जिले में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गरीबों के हक का राशन हड़पने वाले कोटेदारों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत संजय नगर क्षेत्र के एक कोटेदार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बारादरी थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराकर साफ संदेश दे दिया है कि अब राशन में हेराफेरी बर्दाश्त नहीं होगी।

निरीक्षण में खुली पोल, स्टॉक और रजिस्टर में भारी खेल

संजय नगर के अशोक विहार कॉलोनी निवासी रूप सिंह की शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक अलीम खान की टीम ने मंगलवार को कोटेदार रतिराम जयंत की दुकान पर छापा मारा। जब टीम ने स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया तो हकीकत चौंकाने वाली निकली। रिकॉर्ड में जहां 43 बोरी गेहूं दर्ज था, मौके पर सिर्फ 24 बोरी ही मिली। इसी तरह चावल के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई।

19 बोरी गेहूं और एक बोरी चावल ‘गायब’, जवाब नहीं दे सका कोटेदार

जांच के दौरान कुल 19 बोरी गेहूं और एक बोरी चावल गायब मिला। सबसे हैरानी की बात यह रही कि कोटेदार इस भारी कमी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि यह मामला सीधे तौर पर खाद्यान्न की कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।

डीएम की अनुमति के बाद दर्ज हुई एफआईआर, मचा हड़कंप

जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी से अनुमति मिलने के बाद बुधवार को आरोपी कोटेदार के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य कोटेदारों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गरीबों के राशन में घोटाला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।