29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिश्वत की रकम हाथ में आते ही कानूनगो गिरफ्तार, जमीन की नाप के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये

जमीन की नाप-तौल के नाम पर रिश्वत की डील कर रहा चकबंदी विभाग का कानूनगो आखिरकार एंटी करप्शन टीम के जाल में फंस गया। फरीदपुर तहसील में तैनात आरोपी को 10 हजार रुपये की घूस लेते ही टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में खलबली मच गई है।

2 min read
Google source verification

बरेली। जमीन की नाप-तौल के नाम पर रिश्वत की डील कर रहा चकबंदी विभाग का कानूनगो आखिरकार एंटी करप्शन टीम के जाल में फंस गया। फरीदपुर तहसील में तैनात आरोपी को 10 हजार रुपये की घूस लेते ही टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में खलबली मच गई है।

मंगलवार शाम करीब 5:22 बजे फतेहगंज पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग के पास एंटी करप्शन टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी कमल सुधीर शुक्ला ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी मच गई।

जमीन की नाप के बदले मांगी थी सेटिंग की रकम

फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के ग्राम खजुरिया निवासी राजीव ने शिकायत की थी कि उसकी जमीन की नाप-तौल के लिए कानूनगो खुलेआम 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है। बिना पैसे काम न करने की बात कहकर दबाव बनाया जा रहा था। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन संगठन का दरवाजा खटखटाया। शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम हरकत में आई और ट्रैप प्लान तैयार किया गया। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।

अब जेल की राह, भ्रष्टाचार अधिनियम में मुकदमा

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। टीम प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई को शासन की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद चकबंदी विभाग समेत कई सरकारी दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है। एंटी करप्शन टीम के इस एक्शन ने साफ कर दिया है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों की खैर नहीं—जाल बिछ चुका है और अगला नंबर किसी का भी हो सकता है।