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खुली पुलिया ने निगली एक और जिंदगी: काम से लौट रहे मजदूर की गिरकर मौत, दो दिन बाद बरामद हुआ शव

सीबीगंज थाना क्षेत्र के नंदौसी गांव में खुली नहर की पुलिया एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सोमवार से लापता मजदूर का शव बुधवार को पुलिया के नीचे से बरामद हुआ तो इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में प्रशासन और सिंचाई विभाग के खिलाफ गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।

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बरेली। सीबीगंज थाना क्षेत्र के नंदौसी गांव में खुली नहर की पुलिया एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सोमवार से लापता मजदूर का शव बुधवार को पुलिया के नीचे से बरामद हुआ तो इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में प्रशासन और सिंचाई विभाग के खिलाफ गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।

पचा गोटिया निवासी 30 वर्षीय मेघनाथ उर्फ राजू पुत्र तिलक राम लोधी परसाखेड़ा में मजदूरी करता था। सोमवार को वह रोज की तरह काम पर गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने पहले खुद तलाश की, फिर पुलिस को सूचना दी। दो दिन की खोजबीन के बाद बुधवार को नंदौसी गांव के पास खुली नहर पुलिया में उसका शव मिलने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

नशे में फिसलकर पुलिस में गिरा युवक

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मेघनाथ शराब के नशे में पुलिया के पास पहुंचा और संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। पुलिया के नीचे पानी और कचरा भरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं दम तोड़ दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुलिया को ढंकने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। खुले नहर और पुलिया लोगों के लिए मौत का जाल बने हुए हैं, फिर भी जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।

पहले भी जा चुकी हैं कई जानें, नहीं बदली व्यवस्था

यह कोई पहली घटना नहीं है। 24 मार्च को सेटेलाइट बस स्टैंड के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई निवासी तौहीद की मौत हो गई थी। उसका शव भी करीब 30 घंटे बाद बरामद हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। लगातार हो रही मौतों से इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले नालों और पुलियों को तत्काल ढंका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रहेंगे।