एफएसडीए विभाग में लाइसेंस के नाम पर क्लर्क ने मांगे छह हजार रुपये
बरेली। प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त भारत की मुहिम को सरकारी महकमे के बाबू पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला बरेली के एफएसडीए विभाग का है जहां लाइसेंस के नाम पर विभाग में तैनात एक क्लर्क ने आवेदनकर्ता से छह हजार रुपये की रिश्वत ली। लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले के साथ आए युवक ने रिश्वत लेने का वीडियो बना लिया। विभागीय अधिकारी को वीडियो देकर रिश्वत लेने के आरोपी क्लर्क पर कार्रवाई की मांग की है। एफएसडीए की डीओ ममता कुमारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बनवा लिया वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो ने एफएसडीए के दफ्तर में हड़कंप मचा दिया है। शेरगढ़ के रहने वाले सुमित उपाध्याय ने शेरगढ़ में कोल्डड्रिंक स्टोरेज करने के लिए फ़ूड विभाग से लाइसेंस मांगा था। सुमित ने 4 जनवरी 2018 को इसके लिए आवेदन किया था, आरोप है कि विभाग के बाबू दरपन माहेश्वरी उर्फ दरपन मालपानी उससे 8 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। उसने इसकी शिकायत अफसरों से की। लेकिन, सुनवाई नहीं हुई जिसके बाद पीड़ित ने बाबू को सबक सिखाने के लिए उसे रिश्वत देते वीडियो बना लिया। पीड़ित ने बाबू को छह हजार रुपये देते वीडियो बनाया है। पीड़ित का कहना है कि बाबू ने उससे आठ हजार रुपये ये कह कर मांगे थे कि रुपये डीओ मैडम को भी देने होते है।
आरोपी ने दी सफाई
वहीं इस मामले में आरोपी क्लर्क दर्पण मालपानी का कहना है कि उसने घूस नहीं ली है। बल्कि सुमित ने उससे रुपये छुट्टा कराने के लिए नोट दिए थे। जबकि वीडियो देखा जा सकता है कि बाबू ने पीड़ित से रुपये लेकर उसे अपनी मेज के दराज में डाल दिए।
जांच हुई शुरू
वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इस मामले में डीओ ममता कुमारी का कहना है कि वो इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवा रहीं हैं और उचित कार्रवाई की जाएगी।