बरेली

छावनी ने बदली मजदूरों की तकदीर, शहर का पहला श्रम धाम शुरू, जानें क्या-क्या मिलेगी सुविधा

अब दिहाड़ी मजदूर सड़क किनारे धूप-सर्दी में नहीं खड़े होंगे। बरेली छावनी में श्रमिकों के लिए वो सुविधा शुरू हो गई है, जिसका इंतजार सालों से था। युगवीना लाइब्रेरी के पास शहर का पहला ‘श्रम धाम’ बनकर तैयार हो गया, जहां श्रमिक बैठेंगे, आराम करेंगे और सम्मान के साथ काम की प्रतीक्षा करेंगे।

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Feb 09, 2026

बरेली। अब दिहाड़ी मजदूर सड़क किनारे धूप-सर्दी में नहीं खड़े होंगे। बरेली छावनी में श्रमिकों के लिए वो सुविधा शुरू हो गई है, जिसका इंतजार सालों से था। युगवीना लाइब्रेरी के पास शहर का पहला ‘श्रम धाम’ बनकर तैयार हो गया, जहां श्रमिक बैठेंगे, आराम करेंगे और सम्मान के साथ काम की प्रतीक्षा करेंगे। सोमवार सुबह छावनी परिषद की ओर से बनाए गए इस श्रम धाम का उद्घाटन कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने किया। उद्घाटन के साथ ही छावनी क्षेत्र में श्रमिक सुविधाओं को लेकर एक नया अध्याय जुड़ गया।

अब सड़क नहीं, छत के नीचे मिलेगा सुकून

श्रम धाम खास तौर पर उन मजदूरों के लिए तैयार किया गया है, जो रोजाना मजदूरी की तलाश में छावनी क्षेत्र पहुंचते हैं। अब उन्हें सड़क किनारे खड़े रहकर अपमान नहीं सहना पड़ेगा। बैठने, आराम करने और सुरक्षित इंतजार का ये स्थान मजदूरों की रोजमर्रा की जद्दोजहद को आसान बनाएगा। उद्घाटन के मौके पर डॉ. तनु जैन ने दो टूक कहा कि श्रमिक किसी भी शहर के विकास की असली नींव हैं। उनके लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधाएं देना कोई एहसान नहीं, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ कहा कि श्रम धाम संवेदनशील और इंसान-केंद्रित प्रशासन की पहचान बनेगा।

तालियों में गूंजा आभार, मजदूरों के चेहरे खिले

इस पहल से खुश श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों ने छावनी परिषद् और सीईओ का आभार जताया। उद्घाटन समारोह में परिषद् के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे। सभी ने इसे मजदूरों के सम्मान और अधिकार की दिशा में बड़ा और जरूरी कदम बताया। ‘श्रम धाम’ सिर्फ एक शेड नहीं, बल्कि ये संदेश है कि बरेली छावनी में अब मजदूर नजरअंदाज नहीं होंगे। ये पहल आने वाले वक्त में दूसरे इलाकों के लिए भी मिसाल बनेगी—जहां मजदूरों को मेहनत के साथ सम्मान भी मिलेगा।

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