बरेली

बरेली में बर्फीली हवा, घने कोहरे का डबल अटैक, पारा 3.5 डिग्री लुढ़का, 17 जनवरी तक ऑरेंज अलर्ट, 18 से बारिश की दस्तक

बरेली में ठंड ने तीन दिन तक नया रिकॉर्ड बनाया, मंगलवार रात से घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते शहरवासी ठिठुरते रहे। मौसम विभाग ने 17 जनवरी तक कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और 18 जनवरी से बादल व बारिश के संकेत दिए हैं, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम दर्ज हुआ।

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Jan 15, 2026

बरेली। जिले में ठंड ने कई दिन तक नया रिकॉर्ड बनाया। मंगलवार रात से बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के कारण शहरवासी ठिठुरते रहे। बुधवार को तापमान में हल्की बढ़त दर्ज हुई, लेकिन सामान्य स्तर से तीन डिग्री कम 4.8 डिग्री सेल्सियस ही रहा। गुरुवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। सुबह से घना कोहरा छाया रहा और शीतलहर के चलते लोगों की ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विभाग ने 17 जनवरी तक कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 18 जनवरी से बादल और बारिश के संकेत दिए गए हैं।

रात का तापमान बढ़त के बावजूद सामान्य से कम

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार की रात का पारा 1.8 डिग्री बढ़ा, लेकिन फिर भी सामान्य से तीन डिग्री कम 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम था। सुबह से दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा। हल्की धूप निकलने के बावजूद शीतलहर का असर जारी रहा, जिससे लोगों को कोई राहत नहीं मिली।

कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने 17 जनवरी तक कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। बरेली एयरपोर्ट, एयरफोर्स समेत शहर के बाहरी इलाकों में दृश्यता शून्य दर्ज की गई। देर रात तेज हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई। कोहरा छंटने के बाद दृश्यता 20 से 200 मीटर तक पहुंची। बुधवार को अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम रहा।

वाहन चालकों और आम जनता के लिए मुश्किलें

गुरुवार को सुबह से घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों को फाग लाइट का सहारा लेना पड़ा। लोग धीरे-धीरे सफर करते नजर आए। ठंड और गलन ने घरों से बाहर निकलना दूभर कर दिया। राहत पाने के लिए कई जगह अलाव जलाए गए।

18 जनवरी से बादल मंडराएंगे, बारिश के संकेत

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बने विक्षोभ के असर से हवा की दिशा बदलेगी और बर्फीली हवाओं का सितम कम होगा। हालांकि, 18 जनवरी से बादल मंडराने और 19 जनवरी से कहीं-कहीं बूंदा-बांदी और छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। मौसम का यह बदलाव शीतलहर के असर को भी बढ़ा सकता है।

शीतलहर और पाले की संभावना

रुहेलखंड मंडल में रात के तापमान में आई गिरावट के कारण शीतलहर कुछ हद तक जारी रहेगी। मौसम विभाग ने चेताया है कि ठंड के कारण कहीं-कहीं पाला पड़ने की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी प्रदेश में शीतलहर का दौर गुरुवार से थोड़ी राहत देने के साथ-साथ कोहरे के घनत्व में बढ़ोतरी कर सकता है।

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