नवीनतम तकनीकी से फर्नीचर को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने की योजना बनाने के निर्देश कमिश्नर ने दिए हैं।
बरेली। मांझा और जरी के साथ ही बरेली का फर्नीचर भी अपनी अलग पहचान रखता है। फर्नीचर के कार्य को नवीनतम तकनीकी से बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने की योजना बनाने के निर्देश कमिश्नर डॉक्टर पीवी जगनमोहन ने दिए हैं। कमिश्नर ने सोमवार को मंडलीय उद्योग बन्धु की बैठक के दौरान अफसरों को ये निर्देश दिए।
नई उद्योग नीति में मिलेगा प्रोत्साहन
कमिश्नर डॉ पीवी जगनमोहन की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में मण्डलीय उद्योग बन्धु की बैठक सम्पन्न हुई। कमिश्नर ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना को युवाओं के स्वरोजगार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए इसे प्राथमिकता से लागू करने पर जोर दिया। अबतक मण्डल में लगभग 200 युवाओं को इस योजना में प्रोजेक्ट स्वीकृत किये जा चुके हैं। जिसमें उन्हें चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मार्जिनमनी के रुप में स्वीकृत की गई। शासन द्वारा नई उद्योग नीति लागू की है। जिसके तहत हर जिले में वहां के मूल उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिया जायेगा। बैठक में यहां के फर्नीचर कार्य को लेने पर सझाव दिया गया। कमिश्नर ने फर्नीचर कार्य को को नवीन तकनीकी पर उद्योग के रुप में विकसित करने की कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया।
दिए गए जरूरी दिशा निर्देश
इंडस्ट्रियल एरिया में पार्को के सौन्दर्यीकरण व अन्य जनसुविधाओं के सौन्दर्यीकरण कराने पर जोर दिया और इससे उद्यमियों से सहयोग का भी सुझाव दिया। यूपीएसआईडीसी एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों के बढ़ावा, जनसुविधाओं के कार्यों में अनावश्यक की रोक-टोक नहीं करें बल्कि सकारात्मक सोच के साथ उद्यमियों का सहयोग लेकर अच्छी व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें।
इनकी हुई समीक्षा
बैठक में मुद्रालोन योजना, स्टार्टअप योजना एवं स्टैंडप योजना, परसाखेडा, ट्रांसपोर्ट नगर, जमौर शाहजहांपुर में फायर स्टेशन स्थापना, हस्तशिल्प पहचान पत्र, मेगाफूड पार्क स्थापना आदि बिन्दुओं की प्रगति की समीक्षा हुई। कमिश्नर ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। बरेली को एक अच्छे इन्डस्ट्रियल शहर के रुप में बनाये। हर उद्योग में नवीनतम तकनीकि लाये, एक्सपोर्ट क्लालिटी का सामान निर्मित करें। अन्य बडी-बडी अच्छी कम्पनियों को यहां उद्योग स्थापित हेतु आमंत्रित करें।