बरेली

हर्षित मिश्रा हत्याकांड पर कांग्रेस का कूच, पूरनपुर जाने से पहले ही डॉ. के.बी. त्रिपाठी ‘हाउस अरेस्ट’

बदायूं के हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पीलीभीत के पूरनपुर निवासी और एचपीसीएल के असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के मामले में वस्तुस्थिति जानने और पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।

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Mar 15, 2026

बरेली। बदायूं के हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पीलीभीत के पूरनपुर निवासी और एचपीसीएल के असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के मामले में वस्तुस्थिति जानने और पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। बरेली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व महापौर प्रत्याशी डॉ. के.बी. त्रिपाठी ‘गुरुजी’ को पुलिस ने सुबह उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल पूरनपुर जाकर मृतक हर्षित मिश्रा के परिजनों से मिलने और घटना की जानकारी लेने वाला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को मिली, सुरक्षा के नाम पर कई नेताओं को उनके घरों पर ही रोक दिया गया।

पुलिस ने सुबह ही पहुंचकर रोका, पूरनपुर जाने नहीं दिया

शनिवार सुबह कोतवाली पुलिस अचानक डॉ. के.बी. त्रिपाठी के आवास पर पहुंच गई और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। काफी देर तक पुलिस और नेताओं के बीच कहासुनी भी हुई, लेकिन प्रशासन ने उन्हें पूरनपुर जाने की अनुमति नहीं दी।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है।

“प्रदेश में अपराध बेलगाम, सरकार डर गई”

डॉ. के.बी. त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मैनेजर हर्षित मिश्रा और उनके साथी की संस्थान के अंदर ही हत्या कर दी गई, जबकि कुछ दिन पहले ही हर्षित मिश्रा ने संभावित खतरे की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं दी गई। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था तो सरकार ने नेताओं को घरों में ही रोक दिया। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अलग-अलग जगह रोका

कांग्रेस का कहना है कि इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शामिल थे। इनमें पूर्व विधायक संजय कपूर, पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रदेश महासचिव कुमुद गंगवार, जिला अध्यक्ष पीलीभीत हरजीत सिंह चब्बा, महानगर अध्यक्ष पीलीभीत कृष्णा गंगवार, पूर्व प्रदेश सचिव अनूप वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष जाहिद खान, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संदीप गंगवार, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पुलिस ने सभी को उनके-अपने स्थानों पर रोक दिया, जिससे वे पूरनपुर नहीं पहुंच सके।

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