नगर निगम में हंगामा, धक्का-मुक्की और हाथापाई के बाद माहौल गर्म हो गया। मामला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन का था, जिसके लिए निगम से जीआईसी ऑडिटोरियम किराए पर लिया गया था। आरोप है कि नगर निगम ने 69 हजार रुपये लेकर भी कार्यक्रम शुरू होने से एक घंटे पहले बिजली काट दी और राशि की रसीद तक नहीं दी गई।
बरेली। नगर निगम में हंगामा, धक्का-मुक्की और हाथापाई के बाद माहौल गर्म हो गया। मामला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन का था, जिसके लिए निगम से जीआईसी ऑडिटोरियम किराए पर लिया गया था। आरोप है कि नगर निगम ने 69 हजार रुपये लेकर भी कार्यक्रम शुरू होने से एक घंटे पहले बिजली काट दी और राशि की रसीद तक नहीं दी गई। इस प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शीर्ष पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए डीएम अविनाश सिंह से मुलाकात कर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। सभी संगठनों ने नगर निगम के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
गुरुवार दोपहर अभाविप के पदाधिकारी नगर आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान बातचीत के बीच नगर निगम के कुछ कर्मचारियों और नगर आयुक्त के ड्राइवर से कार्यकर्ताओं की कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि कर्मचारियों ने कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें बाहर खदेड़ दिया। आरोप है कि मारपीट में दो-तीन कार्यकर्ताओं के खून तक निकल आया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर प्रचारक मयंक साधु, विहिप के विभाग संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह सोम, महानगर अध्यक्ष आशू अग्रवाल, महानगर मंत्री संजय शुक्ला, अभाविप के विभाग संगठन मंत्री अवनी यादव, श्रेयांश वाजपेयी, आर्यन चौधरी, राजकुमार राजपूत और नीरज चौरसिया समेत अन्य पदाधिकारी डीएम अविनाश सिंह से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
करीब 20 मिनट चली मुलाकात में उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया और नगर निगम के कर्मचारियों पर अराजकता फैलाने व अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए। डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि निगम की ओर से कार्यक्रम का किराया 62 हजार रुपये लिया गया, जबकि पहले डीजल 20 लीटर प्रति घंटा लिया जाता था, इस बार 50 लीटर प्रति घंटा वसूला गया और फिर भी कार्यक्रम से एक घंटा पहले बिजली काट दी गई।
संघ, विहिप और विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने नगर आयुक्त के कार्यालय में अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
डीएम अविनाश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पूरा प्रकरण जांच के आदेश के बाद स्पष्ट होगा, और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने बताया कि अभाविप कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए जीआईसी ऑडिटोरियम मुफ्त में मांग रहे थे। नियमों के अनुसार यह संभव नहीं था। जब उन्हें यह बताया गया तो वे हंगामा और प्रदर्शन करने लगे।
उन्होंने कहा कि सभी शुल्क नियमानुसार लिए गए हैं, और जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे तथ्यों से परे हैं।