बरेली

डीआईजी बोले लंबित केस जल्दी निपटाएं, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बरेली रेंज की समीक्षा बैठक में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने चार जिलों के पुलिस कप्तानों को कड़ी चेतावनी दी। लंबित विवेचनाओं, आईजीआरएस शिकायतों और सुस्त जांच पर नाराजगी जताते हुए समयबद्ध निस्तारण, तकनीक के इस्तेमाल और अपराध नियंत्रण में ठोस परिणाम देने के निर्देश दिए।

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Apr 30, 2026

बरेली। बरेली रेंज में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर गुरुवार को डीआईजी ने चारों जिलों के कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान डीआईजी अजय कुमार साहनी ने साफ लहजे में कप्तानों को चेताया कि लंबित मामलों और सुस्त जांच अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हर जिले को तुरंत परिणाम दिखाने होंगे, वरना जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आईजीआरएस पर लंबित पड़ी शिकायतों को लेकर डीआईजी ने सख्त रुख अपनाया। कहा गया कि हर शिकायत का तय समय में और सही तरीके से निस्तारण होना चाहिए। अनावश्यक देरी पर जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह को तुरंत दबाने के निर्देश दिए गए, ताकि माहौल बिगड़ने से पहले ही स्थिति संभाली जा सके।

महीनों से अटकी विवेचनाओं पर सख्ती

सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। निर्देश दिए गए कि हर केस का तेजी से और ठोस तरीके से निस्तारण हो, ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिल सके और पीड़ितों को न्याय। डीआईजी ने कहा कि अब जांच पुराने तरीके से नहीं चलेगी। ई-साक्ष्य ऐप के जरिए वीडियो, फोटो और फॉरेंसिक रिपोर्ट को हर केस में शामिल किया जाए। साथ ही न्यायालय के साथ समन्वय बनाकर ई-समन जारी करने और उनकी समय पर तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यक्ष ऐप पर अपराधियों का पूरा डेटा फीड करने को भी कहा गया।

टैक्स चोरी और ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

जीएसटी टैक्स चोरी और एनडीपीएस मामलों की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने कहा कि इन अपराधों में किसी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। ऑपरेशन दहन के तहत मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जीरो फेटलिटी अभियान के तहत ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने, जागरूकता बढ़ाने और चालान कार्रवाई तेज करने को कहा गया।

महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर नजर

मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा को और मजबूत करने, महिला बीट सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। वहीं साइबर अपराधों को रोकने के लिए साइबर हेल्प डेस्क को और प्रभावी बनाने और ठगी के मामलों का तुरंत निस्तारण करने को कहा गया। बैठक के अंत में डीआईजी ने साफ कहा कि अब हर जिले को काम के नतीजे दिखाने होंगे। अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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