
बरेली। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में साफ शब्दों में कहा कि बड़े-बड़े विश्वविद्यालय खड़े करना आसान है, लेकिन बच्चों को सही दिशा देना, हुनर सिखाना और आत्मनिर्भर बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को समाज से जोड़ते हुए कम से कम पांच गांव गोद लेकर उन्हें विकसित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी केवल किताबों तक सीमित नहीं है। उन्हें गांव-गांव जाकर महिलाओं, बच्चों और किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए और उनके समाधान में भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 4 लाख से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
कार्यक्रम गुजरात दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। राज्यपाल ने कहा कि हर विश्वविद्यालय को राज्यों के स्थापना दिवस मनाने चाहिए, जिससे छात्रों को देश की विविधता और विकास मॉडल की जानकारी मिले। उन्होंने अपने गुजरात कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए बताया कि ग्रामीण महिलाओं के बड़े स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें 1.5 करोड़ महिलाओं की स्क्रीनिंग हुई और हजारों को समय पर इलाज मिला।
उन्होंने बताया कि यूपी में 3 लाख से अधिक बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लग चुकी है, जो महिलाओं को कैंसर से बचाने में मदद करती है। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि स्कूलों में शौचालय बनने से बालिकाओं का ड्रॉपआउट रेट शून्य तक पहुंच गया, यह शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के महत्व को दिखाता है। वहीं राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित दिशा इंटर कॉलेज की व्यवस्थाओं की सराहना की, जहां विशेष बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। कार्यक्रम में सामान्य और विशेष बच्चों ने गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां देकर सभी को भावुक कर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में युवा गलत संगत में पड़कर रास्ता भटक रहे हैं। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों पर नजर रखें और उन्हें सही दिशा दें, क्योंकि एक छोटी गलती जीवन बर्बाद कर सकती है। इस मौके पर कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कुलाधिपति का स्वागत करते हुए कहा कि दिशा विद्यालय के जरिए विशेष बच्चों को कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास जारी है। राज्यपाल ने कृषि संकाय के छात्रों द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रदर्शन का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
Updated on:
30 Apr 2026 06:39 pm
Published on:
30 Apr 2026 06:38 pm
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