बरेली

डीआईओएस घोटाले में बड़ा ब्लास्ट: 8 करोड़ की लूट में दोनों पत्नियां, सास-साली समेत 7 महिलाएं गिरफ्तार

पुराने शिक्षा घोटाले में अब पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। डीआईओएस ऑफिस में बाबूगिरी कर करोड़ों का खेल करने वाले इल्हाम उर्रहमान शम्सी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए उसकी पत्नी समेत सात महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।

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May 01, 2026

पीलीभीत। पुराने शिक्षा घोटाले में अब पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। डीआईओएस ऑफिस में बाबूगिरी कर करोड़ों का खेल करने वाले इल्हाम उर्रहमान शम्सी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए उसकी पत्नी समेत सात महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि गबन की करीब 8.15 करोड़ रुपये की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस पहले ही 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज कर चुकी है और अब पूरे गिरोह की परतें खोलने में जुटी है।

बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज का चपरासी इल्हाम उर्रहमान शम्सी वर्षों तक डीआईओएस कार्यालय में बाबूगिरी करता रहा और इसी दौरान उसने शिक्षकों के वेतन मद से करीब 8.15 करोड़ रुपये का गबन कर डाला। इल्हाम उर्रहमान शम्सी बीते करीब सात साल से नियमों को दरकिनार कर डीआईओएस कार्यालय में अहम पटलों पर काम देख रहा था। चपरासी होते हुए भी वह बाबू की तरह फाइलें संभालता और भुगतान से जुड़े काम करता रहा। इसी दौरान उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी धनराशि का खेल शुरू किया और धीरे-धीरे करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

53 खातों में ट्रांजेक्शन, 5.50 करोड़ फ्रीज

जांच में पुलिस को 53 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला। इनमें से करीब 5.50 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज कराई जा चुकी है। बाकी रकम की तलाश में पुलिस टीम लगातार जांच में जुटी है। इस मामले में पहले ही उसकी एक पत्नी अर्शी खातून गिरफ्तार होकर जमानत पर बाहर है, जबकि इल्हाम खुद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले चुका है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने जिन सात महिलाओं को पकड़ा है, उनमें उसकी दो और पत्नियां लुबना और अजारा खान भी शामिल हैं। इसके अलावा उसकी साली, सास और अन्य करीबी महिलाएं भी गिरफ्त में आई हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि गबन की रकम ससुराल पक्ष के खातों में भेजी जाती थी। इन सभी खातों में करीब 8.15 करोड़ रुपये पहुंचे।

नाम किसी और का, खाते किसी और के

जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रेजरी से जो भुगतान किया गया, उसमें दस्तावेजों पर नाम किसी और का था, जबकि खाते इन महिलाओं के लगाए गए थे। यानी फर्जी नामों के सहारे असली खातों में पैसा भेजा गया। इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए पुलिस कई बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है। एएसपी विक्रम दहिया ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस मामले में सात महिलाओं की गिरफ्तारी की गई है और उनसे पूछताछ जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही विवेचना में जुटी पुलिस टीम को 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

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