शहर के विस्तार और विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। बीडीए की 95वीं बोर्ड बैठक में दिल्ली हाईवे किनारे एक विशाल औद्योगिक टाउनशिप बसाने का फैसला होते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।
बरेली। शहर के विस्तार और विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। बीडीए की 95वीं बोर्ड बैठक में दिल्ली हाईवे किनारे एक विशाल औद्योगिक टाउनशिप बसाने का फैसला होते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी, जो आने वाले समय में बरेली का नक्शा बदल सकते हैं।
टाउनशिप के लिए भिटौरा नौगवां, चिटौली, रहपुरा जागीर और रसूला चौधरी गांवों के करीब 600 किसानों से 126.3043 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। खास बात यह है कि किसानों को बाजार दर से चार गुना तक कीमत देने की तैयारी है। यानी इस प्रोजेक्ट में किसानों की सीधी भागीदारी भी तय मानी जा रही है, जिससे विरोध की संभावनाएं भी कम होंगी।
इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए बीडीए ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत सीड कैपिटल लेने का फैसला किया है। साफ है कि सरकार भी इस योजना को प्राथमिकता दे रही है, जिससे आने वाले समय में बरेली औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े मौके बनेंगे। बोर्ड बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए बाह्य विकास शुल्क (EDC) की दर बढ़ा दी गई। अब वर्ष 2026-27 के लिए यह शुल्क 1565 रुपये प्रति वर्गमीटर तय किया गया है। यानी अब नक्शा पास कराने और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं आम लोगों के लिए थोड़ी महंगी हो सकती हैं।
ग्रेटर बरेली योजना के सेक्टर-04 और सेक्टर-07 में हाईवे से सटे व्यावसायिक भूखंड अब पीपीपी मॉडल पर दिए जाएंगे। BOT मॉडल के तहत निजी कंपनियां यहां फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, प्ले एरिया और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करेंगी। इससे एक तरफ यात्रियों को सहूलियत मिलेगी, वहीं बीडीए की आमदनी में भी जबरदस्त इजाफा होगा। इस अहम बैठक में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, विद्युत विभाग के अधिकारी, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि, उद्योग विभाग के अधिकारी समेत बोर्ड सदस्य राजेश कुमार अग्रवाल, शालिनी वर्मा और नवल किशोर मौजूद रहे। सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई, जिससे साफ है कि बरेली के विकास को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में है।